नई दिल्ली। कोरोना संकट पर पीएम मोदी की तरफ से ऐतिहासिक 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के ऐलान के एक दिन बाद प्रेस ब्रीफिंग करने आईं केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लंबी चर्चा के बाद पैकेज पर फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि सुधारों के जरिए भारत का निर्माण किया जाएगा।
समय सीमा 4 साल, पहले साल में मूलधन नहीं चुकाने होंगे।


वित्तमंत्री ने आगे कहा कि लोगों के खाते में सीधे मदद पहंचा रहे हैं। MSMEs के लिए छह बड़े कदम उठाए गए हैं। निर्मला ने कहा कि एमएसएमई को 3 लाख करोड़ का बिना गारंटी लोन दिया जाएगा। 45 लाख एमएसएमई को फायदा होगा। वित्तमंत्री ने कहा कि आरबीआई आनेवाले दिनों में और पैसा बाजार में लाएगी।

उन्होंने कहा कि आरबीआई ने बाजार में लिक्विडिटी बनाए रखी। उन्होंने कहा कि एमएसएई 12 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देते हैं। ऑटोमेटिक लोन होगा। कोई गारंटी नहीं देनी होगी। इसकी समय सीमा 4 साल की होगी। पहले साल में मूलधन नहीं चुकाने होंगे।

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1 करोड़ के निवेश वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट बनी रहेंगी

उन्होंने कहा कि इससे हर तरह के MSMEs को फोयदा हागा। वित्तमंत्री ने आगे कहा कि कारोबार ज्यादा होने पर एमएसएमई को फायदा मिलेगा। ज्यादा निवेश के बावजूद एमएसएमई का दर्जा बना रहेगा। ज्यादा टर्नओवर के बावजूद एमएसएमई का दर्जा रहेगा। वित्तमंत्री ने कहा कि 1 करोड़ के निवेश वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट बनी रहेंगी।

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