नई दिल्ली । बंगाल की खाड़ी से उठा साइक्लोन ‘अम्फान’अब सुपर साइक्लोडन में बदल चुका है। यह चक्रवाती तूफान मंगलवार 20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया से टकराएगा। इससे बचाव को लेकर हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।

वाशिंगटन पोस्ट की सेटैलाइट इमेज की माने तो अब इसका सबसे ज्यादा असर बंगाल की खाड़ी से लगते भारतीय क्षेत्र, बांग्लादेश और म्यांमार में होगा।

मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय मोहपात्र ने जानकारी दी है कि चक्रवात अम्फान का रास्ता 2019 में आए बुलबुल तूफान की तरह है। लेकिन जब यह जमीन पर टकराएगा तो 1999 के सुपर साइक्लोतन फानी के जितना प्रचंड नहीं रहेगा। ऐसा इसलिए कि बंगाल की खाड़ी आगे बढ़ने के साथ ही यह कमजोर पड़ता जाएगा।

आईएमडी के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय मोहपात्रा ने जानकारी दी कि ऐसा संभव है कि 20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया में पहुंचने के दौरान इसकी प्रचंडता कम हो जाए। उनके मुताबिक पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना और दक्षिण 24 परगना इस तूफान का असर काफी ज्यादा रहेगा। इस दौरान समुद्र में 4 से 6 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

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मोहपात्रा ने बताया कि 9 नवंबर, 2019 को पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप के पास बहुत ही भयंकर चक्रवाती तूफान बुलबुल द्वारा जमीन से टकराने के छह महीने बाद ही अम्फान चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी के ऊपर उत्पन्न हुआ है।

सोमवार शाम तक अम्फान की लोकेशन पारादीप से 730 किमी दक्षिण, दीघा से 890 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और बांग्लादेश में खेपूपारा से 1,010 किमी से दूर थी।

जबकि दे रात 11.30 मिनट पर सुपर साइक्लोन अम्फान का लोकेशन पश्चिम-मध्य बंगाल की में ओडिशा के पारादीप से 600 किलोमीटर और दक्षिण में दीघा ( पश्चिम बंगाल) के 750 किलोमीटर में था।

2 दशक में दूसरी बार बना सुपर साइक्लोन

आईएमडी चीफ के मुताबिक यह तूफान उच्च महासागरीय जलीय ऊर्जा और तेज हवाओं वाला है। यह केवल दूसरी बार है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक सुपर साइक्लोन उत्पन्न हुआ है। इससे पहले ऐसा पहला सुपर साइक्लोनन 1999 में फानी उत्पन्न हुआ था जो ओडिशा से टकराया था। बंगाल की खाड़ी में गर्मी की उपलब्ध्ता अरब सागर की तुलना में अधिक होती है। यह चक्रवातों के निर्माण में मदद करता है।

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आईएमडी से मिली जानकारी के मुताबिक अगर आप अम्फान के सबसे संभावित रास्ते को देखते हैं तो सुंदरबन से गुजरने की दिशा दर्शाता है। यह 2019 में आए सुपर साइक्लोन फानी की तुलना में इसकी तीव्रता कम होगी जिसमें 200 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से हवाएं चली थीं।

भारत मौसम विभाग ( IMD ) ने मुताबिक अम्फान भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है। यह बंगाल की खाड़ी के ऊपर और शक्तिशाली होकर धीरे-धीरे तट की तरफ बढ़ रहा है। उत्तर-उत्तरपूर्व की तरफ बढ़ेगा और तेजी से उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा। भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में दीघा (पश्चिम बंगाल में) और हटिया द्वीप (बांग्लादेश में) के बीच पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों को पार करेगा।

बंगाल की खाड़ी में सुपर साइक्लोन के कारण अम्फान की गति 370 किलोमीटर तक बताई जा रही है। लेकिन अम्फान 20 मई को दीघा और हटिया तट से टकराने से पहले कमजोर पड़ जाएगा।

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