नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच कई ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें लोगों ने अस्पतालों में बेड न मिलने की बात कही। अब दिल्ली सरकार की एक कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि राजधानी के अस्पतालों में केवल यहां के निवासियों को ही सुविधाएं दी जाएं नहीं तो तीन दिन के भीतर सभी अस्पताल भर जाएंगे। इस कमिटी में पांच डॉक्टरों को शामिल किया गया था।

देश की राजधानी में देशभर से आकर लोग रहते हैं। लॉकडाउन के बाद भी बहुत सारे लोग अपने गृह राज्य वापस नहीं जा पाए हैं और बहुत सारे लोग परिवार के साथ किराए पर रहते हैं। अगर दिल्ली सरकार कमिटी की रिपोर्ट पर अमल करती है तो दिल्ली के लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।
इधर दिल्ली सरकार ने सर गंगाराम अस्पताल पर आईपीसी की धारा 154 के तहत केस दर्ज करा दिया है। आरोप है कि अस्पताल बेड की कालाबाजारी में लिप्त था। दिल्ली सरकार ने पहले भी क हा था कि अगर कोई अस्पताल बेड होते हुए किसी मरीज को ऐडमिट नहीं करेगा तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि बिना किसी नोटिस के कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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तीन दिन में 44 लोगों की मौत


कोरोना संक्रमण के मामले में देश छठे नंबर पर पहुंच गया है। वहीं देश में दिल्ली शहर का तीसरा नंबर है। 1 जून से 3 जून के बीच राजधानी में 44 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ दिया। वहीं पिछले 10 दिनों में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। 27 मई को मौतों का आंकड़ा 303 था जो अब बढ़कर 708 हो गया है। दिल्ली में 1300 से ज्यादा संक्रमण के नए मामले आए।