वाशिंगटन/बीजिंग। भारत-चीन सीमा का विवाद अपने चरम पर है। इसमें अब अमरीका भी कूद पड़ा है। कोरोना संक्रमण को लेकर वह पहले ही चीन पर हमलावर रहा है। इस बार अमरीका ने चीन की सीमा पर अपने तीन विमानवाहक पोत तैनात कर दिए हैं। तीनों अमरीकी विमानवाहक पोत प्रशांत महासागर में चीन की सीमा के बेहद नजदीक गश्त कर रहे हैं। अमरीकी के इस कदम को चीन के लिए खतरे के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की सुरक्षा की दृष्टि से भी की गई कार्रवाई हो सकती है।

असामान्य तरीके से लगा रहे हैं गश्त


अमरीकी नौसेना के क्रूजर, विध्वंसक पोत, लड़ाकू विमानों और अन्य विमानों के साथ असामान्य तरीके से गश्त लगा रहे हैं। अमरीका लगातार चीन के हांगकांग पर व्यापक नियंत्रण करने के कदमों और दक्षिण चीन सागर में मानव निर्मित द्वीपों पर सैन्य मौजूदगी के चीन के अभियान की आलोचना करता आया है। सेंटर फॉर स्ट्रटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में चाइना पॉवर प्रोजेक्ट के निदेशक, बोनी ग्लेजर के अनुसार चीनी लेखों में कुछ इस तरह के संकेत हैं कि अमरीका बुरी तरह से कोरोना वायरस से ग्रस्त है। ऐसे में अमरीका ने ये संदेश देने की कोशिश की है कि चीन उसकी ताकत का गलत आकलन कर रहा है।

See also  राजीव कुमार बने नए चुनाव आयुक्त, अशोक लवासा का लिया स्थान

तीन विमानवाहक पोत प्रशांत महासागर में मौजूद
हिंद-प्रशांत कमान में परिचालन निदेशक, रियर एडमिरल स्टीफन कोहलर ने कहा, हम मजबूत तरीके से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘विमानवाहक पोत और हमलावर समूह अमरीकी नौसैनिक शक्ति का प्रतीक है। इस समय तीन विमानवाहक पोत मिल गये, वह इससे काफी खुश हैं। उत्साहित हैं। कोहलर का कहना है कि चीन धीरे-धीरे दक्षिण चीन सागर में सैन्य चौकियां बना रहा है, वहां मिसाइलें और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली तैनात कर रहा है।

चीन पर आक्रामक हैं ट्रंप

अमरीका का मानना है कि कोरोना वायरस को फैलाने में चीन का बड़ा हाथ है। वह मानता है कि चीन ने ही इस महामारी फैलाने की साजिश रचि है। ट्रंप ने इस मामले में चीन को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि इसके लिए चीन को हर्जाना भरना चाहिए। क्षेत्र में तीन विमानवाहक हमलावर पोतों का एक साथ दिखना आश्चर्य है। अमरीका में इस तरह के पोत सीमित संख्य में हैं और ये अक्सर अलग-अलग जगहों पर तैनात रहते हैं। इनका काम बदंगाहों का निरीक्षण होता है। ये अक्सर मरम्मत में, बंदरगाहों के निरीक्षण में, प्रशिक्षण में लगे होते हैं या दुनिया के दूसरे हिस्सों में तैनात होते हैं।

See also  शनि की उल्टी चाल से मचेगी हलचल: 27 जुलाई से वक्री होंगे शनि देव, इन 2 राशियों के लिए शुरू होगा परीक्षा की घड़ी