नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 Vaccine)  कोवैक्सिन (Covacin)  के फेज-3 ट्रायल्स शुरू हो गए हैं। फेज-1 ट्रायल्स के नतीजे बता रहे हैं कि इस वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है। ट्रायल्स के मुख्य जांचकर्ता डॉ. ई. वेंकटा राव ने कहा कि फेज-1 में यह देखने की कोशिश की जा रही थी कि वैक्सीन से पर्याप्त एंटीबॉडी शरीर में बनते हैं या नहीं।

पहला डोज देने के 14 दिन बाद दूसरा डोज दिया गया था। ब्लड सैम्पल भी लिया गया ताकि खून में एंटीबॉडी की पहचान की जा सकें। 28वें, 42वें, 104वें, 194वें दिन भी ब्लड सैम्पल लिया जाएगा।

भारत में इस समय अहमदाबाद के जायडस कैडिला के वैक्सीन ZyCOV-D के भी फेज-1/2 ट्रायल्स चल रहे हैं। वहीं, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोशील्ड कोविड-19 वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल्स सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने शुरू कर दिए हैं।

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आईसीएमआर कम समय में उपलब्ध कराएगा वैक्सीन

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने अपने इंटरनल न्यूजलेटर ई-संवाद के संपादकीय में लिखा है कि कोविड-19 वैक्सीन सभी को कम से कम समय में उपलब्ध कराने को लेकर प्लान तैयार किया जा रहा है।

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आईसीएमआर के इस इंटरनल न्यूजलेटर में भारत में बन रहे कोवैक्सिन के साथ-साथ जायडस कैडिला के वैक्सीन कैंडीडेट और ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोवीशील्ड के बारे में विस्तार से समझाया गया है।

संपादकीय में कहा गया है कि वैज्ञानिकों को हरी झंडी मिलते ही हम इस वैक्सीन के तेजी से और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार हैं। आईसीएमआर भारत में कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए इतिहास लिख रही है।

इसमें लिखा है कि भारत में वैक्सीन को अप्रूवल मिलने के बाद भी प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन और बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन से जुड़ी चुनौतियां कायम रहने वाली हैं। समय पर इन वैक्सीन को डेवलप कर ज्यादा से ज्यादा जानों को बचाने में मदद मिलेगी।

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