नई दिल्ली। corona infection हल्का कोरोना संक्रमण भी आपको महीनों तक बीमार रख सकता है। कोरोना से संक्रमित हुए वो दो तिहाई मरीज जिनमें हल्के से लेकर मध्यम तक कोविड 19 के मामले थे, उनमें बीमार होने के दो महीने बाद तक लक्षण दिखते रहे और एक तिहाई से ज्यादा अभी भी बीमार महसूस करते हैं और कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत की अपेक्षा ज्यादा बदतर महसूस करते हैं। फ्रांस की एक रिसर्च से से पता चला है।

टूर्स यूनिवर्सिटी अस्पताल के कर्मचारी जिन्होंने मार्च से जून तक 150 गैर-महत्वपूर्ण रोगियों का पालन किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लक्षण 40 से 60 वर्ष की आयु के रोगियों और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता वाले रोगियों में अधिक थे।

खोले जा रहे हैं पोस्ट-कोविड क्लिनिक

क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शन नामक पत्रिका में प्रकाशित उनके अध्ययन से इस बात का प्रमाण मिलता है कि दुनिया भर में SARS-CoV-2 वायरस से संक्रमित 35 मिलियन लोगों को हफ्तों बाद महीनों तक प्रभाव पड़ा होगा।

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पोस्ट-कोविड क्लिनिक खोले जा रहे हैं जहां कोरोना से ठीक होने के बाद फेफड़े, पुराने दिल की क्षति, पोस्ट-वायरल थकान और अन्य लगातार, दुर्बलता जैसी समस्याएं लेकर सामने आ रहे हैं।

क्लाउडिया कार्वाल्हो-श्नाइडर और उनके सहयोगियों ने लिखा, “हम बीमारी के विकास का आकलन करने में सक्षम थे और प्रदर्शित करते हैं कि यहां तक ​​कि सबसे हल्की प्रस्तुति मध्यम अवधि के लक्षणों से जुड़ी थी। इस तरह कोरोना महामारी जाने के बाद भी लोगों पर लंबी देखभाल का बोझ डाल कर जाएगी।

शोध में ये खुलासा

शोधकर्ताओं ने पाया कि कोविड -19 लक्षण विकसित होने के दो महीने बाद, 66% वयस्क रोगियों ने 62 में से कम से कम एक शिकायत से पीड़ित होने की सूचना दी। जिसमें मुख्य रूप से गंध और स्वाद की कमी, सांस की तकलीफ और थकान शामिल थे।

उन्होंने बताया कि उनकी रिसर्च में उन मरीजों में जोखिम देखने की मांग थी जो नॉन क्रिटिकल थे। क्योंकि ज्यादातर इंटरनेशनल रिसर्च उन मरीजों पर थे कोरोना के सर्वाइवर थे और भारी देखभाल में रह रहे थे।

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