टीआरपी डेस्क। GST अधिकारियों ने अवैध तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार्टर्ड एकाउंटेंट ( CA ) बनने की पढ़ाई कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

जिसपर कथित रूप से 115 फर्जी कंपनियों के जरिये करीब 50 करोड़ रुपये का आईटीसी लाभ लेने के मामले में शामिल होने का आरोप है। तृतीय वर्ष का छात्र और अहमदाबाद में सीए कंपनी में भागीदार प्रिंस मनीष कुमार खत्री ने कथित रूप से फर्जी कंपनियों का पंजीकरण कराया।

इन कंपनियों का उपयोग माल एवं सेवा कर (GST) भुगतान से बचने में किया गया था। इसके लिये इन कंपनियों द्वारा आईटीसी के रूप में सृजित बिल का उपयोग किया गया। सूत्र ने कहा कि इन सबके जरिये गलत तरीके से 50.24 करोड़ रुपये का आईटीसी का लाभ लिया गया।

उसने कहा कि खत्री कथित रूप से 115 फर्जी कंपनियों के पंजीकरण और इन कंपनियों के GST Return भरने में मुख्य रूप से शामिल था। इस प्रकार गलत तरीके से जीएसटी भुगतान का उपयोग कर आईटीसी का लाभ उठाने के लिये बिल जारी किये।

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ये फर्जी कंपनियां 9 जीएसटी आयुक्त कार्यालयों के दायरे में फैली थी और जीएसटी खुफिया महानिदेशालय ने आंकड़ों के विश्लेषण के जरिये इनकी धोखाधड़ी को पकड़ लिया।

इन शहरों में बनाई 115 फर्जी कंपनियां

  • 49 अहमदाबाद उत्तरी आयुक्त कार्यालय
  • 27 वडोदरा-दो आयुक्त कार्यालय
  • 15 भिवंडी आयुक्त कार्यालय
  • 12 गांधीनगर आयुक्त कार्यालय

सूत्र ने कहा, GST Registration में आधार के उपयोग से इस प्रकार के गलत कार्यों में शामिल लोगों पर शिकंजा कसा जा सकेगा जो जीएसटी चोरी और आईटीसी पास करने को लेकर फर्जी कंपनियां बनाते हैं।

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