टीआरपी न्यूज़। रायपुर से महासमुंद, आरंग और ओडिशा जाने वालों को अब शहर से महज 12 किमी तथा नवा रायपुर से लगे मंदिरहसौद से पहले ही टोल टैक्स देना होगा। कार के लिए यह टैक्स 50 रुपए और बस-ट्रक के लिए 180 रुपए होगा, जो दोगुना है। दरअसल यहां से करीब 25 किमी दूर मौजूदा रसनी टोल नाके को इस नाके के शुरू होते ही बंद कर दिया जाएगा क्योंकि दो नाके के बीच में 60 किमी का अंतर होना चाहिए।

रसनी नाके में टोल वसूली बंद कर दी जाएगी

इसलिए रसनी नाका बंद कर वहां का टोल भी मंदिरहसौद के टोल टैक्स में जोड़ा जा रहा है। मंदिरहसौद नाका फरवरी के पहले हफ्ते में ही शुरू हो जाएगा और इसके शुरू होते ही रसनी नाके में टोल वसूली बंद कर दी जाएगी। मंदिरहसौद में शुरू होने वाला टोल नाका यहां से लगभग 15 किमी पहले पहले रिंगरोड-1 पर रायपुर शहर की सीमा के भीतर सुंदरनगर से लगकर 2016 में बना था।

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इसीलिए मंदिरहसौद का चयन किया गया

शहर में टोल वसूली के भारी विरोध की वजह से उसे शुरू नहीं किया जा सका। सुंदरनगर नाको को शहर सीमा के बाहर ले जाने पर सहमति बनी। इसीलिए मंदिरहसौद का चयन किया गया। यह भले ही नवा रायपुर से लगा है, लेकिन तकनीकी तौर पर मौजूदा राजधानी की सीमा से बाहर है। सुंदरनगर और रसनी नाके एक साथ बने थे। रसनी टोल नाका तब से चल रहा है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजय वर्मा ने बताया कि मंदिरहसौद में नया टोल नाका शुरू करने की तैयारी चल रही है। रसनी नाका बंद किया जा रहा है, ताकि जीई रोड पर लोग एक ही जगह टोल दे सकें।

मंदिरहसौद से रसनी की दूरी महज 14 किमी

चूंकि मंदिरहसौद से रसनी की दूरी महज 14 किमी है, इसलिए वहां का नाका बंद करके उसका टैक्स यहीं मर्ज करने का फैसला लिया गया, ताकि लोगों को बार-बार टोल टैक्स के लिए नहीं रुकना पड़े। टोल टैक्स वसूली का यह नया सिस्टम बना लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और सड़क निर्माण कंपनी एक्सप्रेस-वे के अफसरों ने बताया कि इस नई व्यवस्था पर सहमति भी बन गई है।

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नए नाके पर जाम का खतरा

जीई रोड पर मंदिरहसौद से पहले बने टोल प्लाजा में रोज जाम का खतरा हो सकता है। वजह ये है कि रायपुर से जाने पर इस नाके से ठीक पहले रायपुर रिंग रोड-3 का तिराहा है। नाके से बमुश्किल आधा किमी आगे मंदिरहसौद का बेहद व्यस्त चौराहा है। एक रेलवे क्रासिंग तथा रेलवे साइडिंग है। वहां चावल और खाद की गाड़ियां खाली की जाती हैं। ट्रैफिक पुलिस को भी इस नाके पर इन्हीं कारणों से जाम की आशंका है।

10 साल बाद कम होगा टैक्स

मंदिरहसौद नाके से निर्माण कंपनी 15 साल तक टोल टैक्स वसूलेगी। टाटीबंध चौक से रसनी तक 43 किमी सड़क बनाने में कंपनी के 800 करोड़ रुपए लगे हैं, जिसे वसूला जाना है। रसनी नाके पर 5 साल से टैक्स वसूला जा रहा है। इसका मतलब यह है कि मंदिरहसौद नाके से रसनी का टैक्स 10 साल और वसूला जाएगा।

इसलिए बंद होगा एक नाका

राजनांदगांव जाने वाले हाईवे में 30 किमी के दायरे में ही दो नाके को लेकर एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 30 किमी के भीतर दो नाकों पर आपत्ति करते हुए एनएचआई से स्पष्टीकरण मांग लिया था। कोर्ट के सख्त रवैये को देखते हुए एनएचएआई और कंपनी ने तय किया कि एक नाका बंद करना होगा।

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