रायपुर। राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अंबेडकर में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक महिला को तीन महीने पहले एक्सपायर हो चुकी स्लाइन चढ़ा दी गई। इतना ही नहीं महिला के नवजात शिशु की मौत भी हो गई।

इतना ही नहीं जिला अस्पताल प्रबंधन ने इस महिला को कोरोना पॉजिटिव बताकर मेकाहारा रेफर किया था। मेकाहारा के आईसोलेशन वार्ड में रहते उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मिली जानकारी के मुताबिक महिला का नाम पूजा मजूमदार है।

महिला के पति का कहना है कि पूजा को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 19 जनवरी को उसे कोरोना होने की बात कहते हुए मेकाहारा रेफर कर दिया गया। 20 जनवरी को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती होने के बाद बच्चे की नार्मल डिलीवरी हुई। उसे नॉर्मल होना बताया गया, फिर बच्चे की तबियत खराब होने की बात कहकर ऑपरेशन करना होगा कह दिया। नवजात की तबियत लगातार बिगड़ती गई और शाम को मौत हो गई।

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महिला की हालत गंभीर, इंचार्ज डॉक्टर नदारद

मरीज के साथ मौजूद अटेंडेंर के टोकने पर नर्स ने माफी मांग कर बोतल बदल दी। इसके बाद अगले दिन फिर महिला को पुराना स्लाइन लगा दिया गया। दोबारा टोकने पर वही रटा रटाया जवाब दिया कि गलती हो गई कहकर बोतल बदल दी। इसके चलते महिला की हालत गंभीर हो गई इसके बाद भी इंचार्ज डॉक्टर को नहीं बुलाया गया।

बेहतर इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल ले गए परिजन

दूसरी लापरवाही यह भी हुई कि जिला अस्पताल प्रबंधन ने महिला मरीज को कोरोना पॉजिटिव होना बताकर मेकाहारा शिफ्ट कर दिया था। मगर मेकाहारा के आइसोलेशन वार्ड में रखी उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। महिला के शरीर में काफी सूजन आ गई है। घबराए परिजन अब महिला को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए हैं। मरीज की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

शोकॉज नोटिस जारी

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर विष्णु दत्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागाध्यक्ष को शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को तत्काल हटाने की कार्रवाई करते हुए सूचना देने की बात कही गई है।

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