रायपुर। Director Public Education Chhattisgarh छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रम के आधार पर संचालित स्कूलों में हर वर्ष की तरह इस बार भी कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को अगले सत्र की कक्षाओं में प्रवेश दे दिया जाएगा। इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। संचालक लोक शिक्षण जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि इन कक्षाओं की परीक्षाएं होंगी या नहीं यह आने वाली परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।


लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालकों को जारी आदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पहले से ही यह नीति रही है कि कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को परीक्षा के आधार पर पिछली कक्षा में नहीं रोका जाता है, बल्कि उन्हें अगली कक्षा में सामान्य रूप से प्रवेश दिया जाता है। इसके साथ ही बच्चों का सतत मूल्यांकन भी किया जाता है। स्कूली बच्चों के लिए यह व्यवस्था इस वर्ष भी लागू रहेगी।

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गौरतलब है कि इस वर्ष शिक्षा विभाग द्वारा पढ़ाई तुंहर द्वार योजना के तहत बच्चों को विविध तरीके से ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाया गया है। इस प्रयास को काफी सराहना भी मिली है। कोरोना काल के चलते ऐसे हालात निर्मित हुए और बच्चों के मोहल्लों में भी क्लास लगानी पड़ी। इधर शिक्षा विभाग ने 10वीं 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं की घोषणा कर दी है। साथ ही 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं स्थानीय स्तर पर ही कराने के निर्देश जारी किए हैं।


परीक्षाओं पर फैसला अभी नहीं

टीआरपी न्यूज़ से बातचीत में संचालक लोक शिक्षणए जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि पहली से आठवीं तक के बच्चों की अकादमिक उपलब्धियों का मूल्यांकन पहले भी किया जाता रहा हैए पूर्व में इसके लिए परीक्षाएं भी ली जाती थी। इस बार पहली से आठवीं तक के बच्चों की परीक्षाएं होंगी या नहीं यह आने वाली परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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