चीन से तनाव के बीच भारत ने रक्षा बजट में किया इजाफा, सैन्य खर्च के लिए 4.78 लाख करोड़ का प्रस्ताव

नई दिल्ली। पाकिस्तान सहित पिछले कई महीनों से चीन से चल रहे टकराव के बीच एक बार फिर रक्षा बजट ( India increased defense budget ) में इजाफा किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया, जिसमें रक्षा क्षेत्र के लिए 4.78 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

इसमें से करीब 20,776 करोड़ रक्षा आधुनिकीकरण के मद में बढ़ाए गए हैं। संभवत पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ कायम गतिरोध के चलते आधुनिकीकरण के बजट में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन इस बार रक्षा बजट में भूतपूर्व सैनिकों की पेंशन के लिए आवंटित राशि में कमी हुई है। यह माना जा रहा है कि पेंशन लेने वालों की संख्या में कमी होने की वजह से पेंशन की राशि में कमी हुई हो सकती है। हालांकि रक्षा मंत्रालय की तरफ से अभी इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बताया गया है।

आधुनिकीकरण का बजट 19 फीसदी बढ़ा

दूसरी तरफ यदि सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए दिए जाने वाले बजट की बात करें तो उसमें इस साल कुल 20,776 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इस साल यह राशि 1,36,060 करोड़ है। जबकि पिछले साल 1,13,734 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। इस प्रकार आधुनिकीकरण के बजट में करीब 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी पिछले डेढ़ दशक में सर्वाधिक है।

पेंशन का बजट घटा

तीनों सेनाओं के करीब 24 लाख भूतपूर्व सैनिक हैं। इनकी पेंशन पर अच्छा-खासा व्यय सरकार करती है। पिछले साल इस मद में करीब 1.33 लाख करोड़ रुपए रखे गए थे। लेकिन, इस बार यह राशि 1.16 लाख करोड़ है। इसमें 17 हजार करोड़ रुपए की कमी आई है।

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