रायपुर में आज से खुले कोचिंग सेंटर, मगर संचालक रहे सावधान
रायपुर में आज से खुले कोचिंग सेंटर, मगर संचालक रहे सावधान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अब कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू किए जा सकेंगे। इन्हें अनलॉक करने का आदेश जारी कर दिया गया है। कलेक्टर भारतीदासन ने इसे लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि क्षमता से 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स ही एक समय पर बुलाए जा सकेंगे।

इसका मतलब ये कि जब पहले 100 स्टूडेंट्स की क्लास लगती थी तो अब कोविड के खतरे के मद्दे नजर 50 स्टूडेंट्स की एक वक्त में क्लास लगेगी। बाकि बचे बच्चों को दोबारा बुलाया जा सकेगा। जिला प्रशासन की गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि किसी ने अगर नियमों को नहीं माना तो कोचिंग सेंटर, स्किल सेंटर या लायब्रेरी के प्रिंसिपल, संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।

सभी सरकारी लाइब्रेरी भी खुलेंगी

राजधानी में सबसे बड़ी लाइब्रेरी नालंदा परिसर में सेंट्रल लाइब्रेरी है। वहां 3000 से ज्यादा छात्र सदस्य हैं, जो लाइब्रेरी बंद होने की वजह से वहां नहीं जा पा रहे थे। इसी तरह पं. दीनदयाल उपाध्याय लाइब्रेरी डीडी नगर, बीटीआई मैदान शंकरनगर, जिला ग्रंथालय फायर ब्रिगेड चौक, कंकाली तालाब के पास स्थित आनंद समाज वाचनालय की लाइब्रेरी में भी हर दिन 2000 से ज्यादा छात्र आना-जाना करते थे। यह सभी लाइब्रेरी बंद थीं, जो आज से खुल चुकी हैं।

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इन बातों का रखना होगा ध्यान

आदेश में कहा गया है कि ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग को सेंटर्स प्राथमिकता दें। संस्था के एंट्री गेट टच फ्री होने चाहिए, लोग खांसते- छींकते समय मास्क पहने, रुमाल या टिशू का इस्तेमाल करें, पीने के पानी की जगह, धोने का स्थल, वॉशरूम कुर्सी, टेबल, बेंच, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, क्लासरूम की ऐसी जगह जहां लोग छूते हों वो बार-बार सैनिटाइज होते रहने चाहिए।

कैमरे लगवाने होंगे

लैपटॉप, नोटबुक का लेन-देन करने की मनाही है, कैंटीन बंद रखने को कहा गया है, बेहद जरुरी होने पर ही इसे शुरू किया जाएगा। संस्थान सीसीटीवी कैमरा लगवाना होगा। ऐसा इसलिए ताकि हर स्टूडेंट या स्टाफ पर नजर रखी जा सके और उसके कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग हो सके। इंस्टिट्यूट में बैठक व्यवस्था के लिए कुर्सी के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी होना जरूरी है, सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश, क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था होनी चाहिए। अगर किसी को बुखार हो या कोरोना के लक्षण हों तो उसे एंट्री नहीं दी जाएगी।

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रजिस्टर में नोट होंगे नाम पते

गाइड लाइन के मुताबिक जिन इंस्टीट्यूट में जगह कम हो वहां स्टूडेंट्स अलग-अलग समय पर बुलाए जा सकेंगे। हर संस्थान में एक रजिस्टर रखना होगा। इसमें आने वाले स्टूडेंट्स के नाम पते मोबाइल नंबर के साथ अपडेट किए जाएंगे। ताकि कोरोना संक्रमित होने की वजह से उन्हें ट्रेस किया जा सके। अगर कोचिंग सेंटर कंटेनमेंट जोन के दायरे में आते होंगे तो वो संचालित नहीं किए जा सकेंगे।

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