तीरा कामत
Image Sorce- Google

टीआरपी डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर जरूरतमंद लोगों की मदद को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनकी भावुकता पूरे देश ने संसद (Parliament) में सांसदों की विदाई के समय देखा। प्रधानमंत्री की भावुकता का एक और उदाहरण सामने आया है। अब एक बच्ची की जान बचाने के लिए लिया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फैसला चर्चा में है। महाराष्ट्र (Maharashtra) में तीरा कामत नाम की एक 5 महीने की बच्ची जो एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी से ग्रसित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बच्ची के इलाज में लगने वाली दवा पर कस्टम ड्यूटी और जीएसटी को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इसके चलते दवा की कीमत करीब 6 करोड़ रुपये कम हो गई है।

दरअसल, तीरा कामत जेनेटिक बीमारी से ग्रसित हैं उसके लिए सिर्फ जिन रिप्लेसमेंट ही एक मात्र उपाय है। इस बीमारी के इलाज में “झोलजेंसमा” नामक दावा का इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा की कीमत भारतीय करेंसी में 16 करोड़ रुपये होती है। इतना बड़ा अमाउंट परिवार के लिए जुटा पाना बिल्कुल नामुमकिन था लेकिन क्रॉउड फंडिंग के जरिए 16 करोड़ रुपये परिवार ने इकट्ठा कर लिए।

See also  प्रदेश में कोरोना के 217 नए मरीजों की पुष्टि, जांजगीर-चांपा बना सबसे संक्रमित जिला

फडणवीस ने पीएम मोदी से की थी अपील

हालांकि, दवा भारत में लाने के लिए 6 करोड़ से ज्यादा की ड्यूटी लग रही थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। फडणवीस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 1 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसमें हस्तक्षेप कर दवा के कस्टम ड्यूटी और जीएसटी माफ करने की अपील की।

पीएम मोदी का जताया आभार

इस अपील पर मंगलवार को फैसला लिया गया। जिसके चलते दवा पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी और जीएसटी पूरी तरह से माफ कर दी गई। इससे करीब 6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च बच गया। प्रधानमंत्री के इस फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीएम को पत्र लिखा और उनका आभार व्यक्त किया।

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से भारत में एसएमए के एक इंजेक्शन के लिए भारी भरकम सीमा शुल्क का भुगतान करना होता है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कामत परिवार को कर माफ करने के लिए एक प्रमाण पत्र दिया है। हालांकि, दवा को भारत पहुंचने में 15 दिन लगने की संभावना है।

See also  पीएम नरेंद्र मोदी के सामने मुख्यमंत्रियों ने रखी मांग, 3 मई के बाद भी बढ़े लॉकडाउन
Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…