कोस्टल गार्ड गश्ती दल में शामिल हुआ तटरक्षक जहाज ‘वज्र', जानें खासियत
कोस्टल गार्ड गश्ती दल में शामिल हुआ तटरक्षक जहाज ‘वज्र', जानें खासियत

नई दिल्ली। भारतीय तटरक्षक जहाज ‘वज्र’ को बुधवार को यहां औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल कर लिया गया। छठे अपतटीय गश्ती पोत को तटीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए बेड़े में शामिल किया गया है।

इस मौके पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट में एक ‘पट्टिका’ और जहाज के नाम वाले बोर्ड ‘वज्र’ का औपचारिक अनावरण किया।

पूरी तरह देशी है वज्र

बता दें कि जहाज का निर्माण देश में ही किया गया है और इसे लार्सन एंड टुर्बो शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने बनाया है। सात अपतटीय गश्ती जहाज की श्रृंखला में छठा जहाज वज्र आधुनिक नौवहन और संचार प्रणाली से लैस है।

जहाज में मुख्य अस्त्र के तौर पर 30 मिलीमीटर की तोप है और उसकी लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए उसमें दो एफसीएस नियंत्रित 12.7 एमएम की एसआरसीजी (स्थिर रिमोट नियंत्रित तोप) लगी है।

क्या है वज्र की खासियत

इस जहाज को इस तरह से बनाया गया है कि इसमें दो इंजन वाला, रात में उड़ान भरने में सक्षम एक हेलीकॉप्टर खड़ा हो सकता है। साथ ही चार उच्च गति वाली नौकाएं हैं जो खोज एवं बचाव कार्यों, कानून प्रवर्तन तथा समुद्री गश्त में मदद कर सकेंगी।

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उप महानिरीक्षक एलेक्स थॉमस जहाज के कमांडिंग अधिकारी हैं। इस जहाज में 14 अधिकारी और 88 कर्मी होंगे। जहाज तटरक्षक बल के पूर्वी क्षेत्र के संचालनात्मक नियंत्रण के तहत तूतीकोरिन में तैनात रहेगा।

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