ब्लैक फंगस: भिलाई में मिले 6 नए मरीज, BSP कर्मचारी की जान बचाने डॉक्टरों को काटनी पड़ी नाक
ब्लैक फंगस: भिलाई में मिले 6 नए मरीज, BSP कर्मचारी की जान बचाने डॉक्टरों को काटनी पड़ी नाक

रायपुर/भिलाई। कोरोना वायरस (Coronavirus) से ठीक हुए लोगों पर अब ब्लैक फंगस (Mucormycosis) कहर बनकर टूट रहा है। छत्तीसगढ़ कई जिलों में ब्लैक फंगस के मामले सामने आने लगे हैं। दुर्ग जिले में जहां एक मरीज की ब्लैक फंगस से मौत हो गई है वहीं बीएसपी सेक्टर 9 अस्पताल में फिलहाल छह मरीजों का उपचार चल रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार ब्लैक फंगस संक्रमित भिलाई इस्पात संयंत्र के एक कर्मी का निजी अस्पताल में नाक काटकर ऑपरेशन किया गया। मरीज की तबीयत अब पहले से बेहतर है।

इस वक्त जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 में 6 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। पहले ही करीब 4 मरीजों को निजी अस्पताल में भेजा जा चुका है। जहां उनका इलाज जारी है।

नाक के पीछे हिस्से में था ब्लैक फंगस

बीएसपी का एक कर्मचारी कोरोना का इलाज करवाने के बाद ठीक हो चुका था। जिसके बाद वह ब्लैक फंगस का शिकार हो गया। जब उसने आंख के एक चिकित्सक से जांच करवाया वहां से सलाह मिलने पर नाक के विशेषज्ञ से मिला।

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तब साफ हुआ है कि वह ब्लैक फंगस से संक्रमित हो चुका है। चिकित्सक ने मरीज की स्थिति को देखते हुए नाक काटकर ऑपरेशन की बात कही। ऑपरेशन निजी अस्पताल में समय पर करवा लिया गया, तब स्थिति बेहतर है।

सेक्टर-9 से पहले कर चुके हैं 4 को हायर सेंटर रेफर

भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर-9 हॉस्पिटल में ब्लैक फंगस के 9 कनफर्म केस मिले थे। जिसमें से कई मरीजों को हायर सेंटर रेफर किए गए हैं। इसके बाद अब 6 मरीजों का यहां उपचार जारी है। एक मरीज की मौत 11 मई को हो चुकी है।

डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर, सीएमएचओ दुर्ग ने बताया कि ब्लैक फंगस को लेकर बीएसपी के सेक्टर-9 अस्पताल में चार मरीजों का इलाज जारी था। नए केस भी कुछ आ रहे हैं। जिला अस्पताल में अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है।

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