26 मई को एटक यूनियन एसईसीएल के सभी खदानों पर मनाएगा काला दिवस
26 मई को एटक यूनियन एसईसीएल के सभी खदानों पर मनाएगा काला दिवस

बिलासपुर। NDA की मोदी सरकार ने 26 मई 2014 को शपथ लिया था। इस दिन को श्रमिक यूनियन एटक काला दिवस के रूप में मनायेगा। एटक एसईसीएल के महासचिव हरिद्वार सिंह ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि एटक यूनियन द्वारा इस दिन पूरे देश में काला फीता लगाकर नारेबाजी करते हुए काला दिवस मनाया जाएगा ।

हरिद्वार सिंह ने आरोप लगाया कि एनडीए की मोदी सरकार ने जब से शपथ लिया उसी दिन से देश की जनता के लिए काला दिवस शुरू हो गया। मजदूरों के 44 श्रम कानूनों को खत्म कर सरकार ने 4 लेबर कोड पारित कर दिया है, जिसमे मजदूरों के अधिकार खत्म किए जा रहे हैं, देश के सरकारी उपक्रमों को पूंजीपतियों के हाथों बेचा जा रहा है। कर्मचारियों को 35 वर्ष की सेवा या 50 वर्ष की आयु के बाद जबरन रिटायर करने की योजना सरकार ला रही है, रात्रि पाली में महिलाओं को ड्यूटी करने का कानून पास कर दिया गया है, कोल इंडिया को कई कंपनियों में बांटने की योजना चल रही है। इसी तरह के तमाम फैसलों के विरोध में एटक संगठन यह प्रदर्शन करने जा रहा है।

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हरिद्वार सिंह ने एटक संगठन के कार्यकर्ताओं, समस्त कोयला मजदूरों से अपील किया है कि 26 मई को काला दिवस मनाने में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले और कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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