Saturday, May 21, 2022
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छत्तीसगढ़ के 1200 लोगों ने बीते साल छोड़ा तम्बाकू सेवन, इससे होने वाली बीमारियों से हर साल 13 लाख मौतें, 250 तरह के केमिकल कैंसर का खतरा

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रायपुर। प्रदेश में बीते वर्ष (1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 के बीच) 1200 लोगों ने तम्बाकू का सेवन छोड़ा है। तम्बाकू व्यसन से मुक्ति, इसके आदी लोगों की जाँच और इसका सेवन छुड़ाने परामर्श एवं उपचार के लिए प्रदेश के 24 जिलों में तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान इन केंद्रों में 13 हजार 513 ओ.पी.डी. की गई। इन केंद्रों की मदद से 1200 लोगों ने तम्बाकू सेवन की लत से छुटकारा पाया है। लोगों को इस व्यसन से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश के छह दन्त-चिकित्सा महाविद्यालयों में भी तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की गई हैं।

‘कमिट टू क्विट टोबैको’ की थीम पर मनाया जा रहा

पूरी दुनिया में 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह ‘कमिट टू क्विट टोबैको (Commit to Quit Tobacco)’ की थीम पर मनाया जा रहा है। यह दिन तम्बाकू के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों एवं स्वास्थ्य जोखिम के बारे में लोगों को जागरूक करने का अवसर प्रदान करता है। सिर के बाल से लेकर पैर के नाख़ून तक ऐसा कोई अंग नही हैं जो तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचा हुआ हो।

250 तरह के केमिकल कैंसर का कारण

इससे न केवल कैंसर, ह्रदयरोग, स्ट्रोक, फेफड़ों से सम्बंधित बीमारी, क्रोनिक पल्मोनरी डिजीज जैसी गंभीर बीमारियाँ होती हैं, बल्कि वर्तमान में दुनिया भर में फैले कोविड-19 महामारी से गंभीर रूप से संक्रमित होने और इसके पीड़ितों को मौत का खतरा भी अधिक है। तम्बाकू के धुएं में सात हजार प्रकार के रसायन होते हैं जो 250 तरह के केमिकल कैंसर का कारण बनते हैं। तम्बाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों से देश में हर साल 13 लाख लोगों की मौत होती है।

राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभावों से लोगों को जागरूक करने, इस दुर्व्यसन से मुक्ति दिलाने, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के बेहतर संचालन तथा सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने अनेक प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग द्वारा इसके लिए पिछले वर्ष 141 फोकल ग्रुप डिस्कसन (Focal Group discussion) सत्रों का आयोजन किया गया।

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