कोरोना इलाज के लिए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइंस, आवइरमेक्टिन समेत ये दवाइयां की गई बंद
कोरोना इलाज के लिए स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइंस, आवइरमेक्टिन समेत ये दवाइयां की गई बंद

नई दिल्ली। देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर जारी है। राहत की बात ये है कि कोरोना की दूसरी लहर की रफ्तार कमजोर होती नजर आ रही है। साथ ही कोरोना के नए मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट जारी है।

वहीं मई में जहां रोजाना 4 लाख के आसपास नए केस आ रहे थे, तो वहीं अब यह संख्या घटकर एक लाख के आसपास पहुंच गई है।

ऐसे में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के डायरेक्‍टरेट जनरल ऑफ हेल्‍थ सर्विसेज ने बिना लक्षण या हल्‍के लक्षण वाले कोरोना मरीजों (Corona Patients) के इलाज के लिए संशोधित गाइडलाइंस जारी की है।

संक्रमितों को दूसरे टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं : DGHS

केंद्र सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, जिन मरीजों में कोरोना संक्रमण के लक्षण नजर नहीं आते या हल्के लक्षण हैं, उन्हें किसी तरह की दवाइयां लेने की जरूरत नहीं है। हालांकि, दूसरी बीमारियों की जो दवाएं चल रही हैं, उन्हें जारी रखना चाहिए। ऐसे मरीजों को टेली कंसल्टेशन (वीडियो के जरिए उपचार) लेना चाहिए। अच्छी डाइट लेनी चाहिए। साथ ही मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे जरूरी कोरोना नियमों का पालन करना चाहिए।

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डीजीएचएस ने नई गाइडलाइंस के तहत एसिम्प्टोमेटिक मरीजों के इलाज में इस्तेमाल की जा रहीं सभी दवाओं को लिस्ट से हटा दिया है। गाइडलाइन में कहा गया है कि ऐसे संक्रमितों को दूसरे टेस्ट करवाने की जरूरत भी नहीं है। जारी गाइडलाइन के तहत मरीजों के इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन, आइवरमेक्टिन, डॉक्सीसाइक्लिन समेत कई दवाओं पर रोक लगा दी है, जबकि इससे पहले जमकर ये दवाएं कोरोना मरीजों को दी जा रहीं थीं।

बीमारी के लक्षण महसूस करने पर डॉक्टर से लें सलाह 

साथ ही गाइडलाइंस में कोरोना मरीजों और उनके परिजनों को एक-दूसरे से फोन या वीडियो कॉल के जरिये जुड़े रहने और सकारात्मक बातें करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी तरीके की परेशानी अथवा बीमारी के लक्षण महसूस करने पर डॉक्टर से सलाह लें,  सके बाद ही दवाएं लें।

27 मई को भी जारी की गई थी गाइडलाइन 

बता दें इससे पहले 27 मई को गाइडलाइन जारी की गई थी, जिसमें हल्के लक्षणों वाले मरीजों पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन, आइवरमेक्टिन, डॉक्सीसाइक्लिन, जिंक और मल्टीविटामिन के इस्तेमाल की मनाही की गई थी। इसके अलावा एसिम्प्टोमेटिक मरीजों के लिए सीटी स्कैन जैसे गैर जरूरी टेस्ट लिखने से भी मना किया गया था।

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