अच्छी खबर- सर्वाधिक संक्रमित राज्यों की लिस्ट से बाहर हुआ छत्तीसगढ़, संक्रमण दर घटकर हुई 0.6 प्रतिशत

नई दिल्ली। देशभर में जारी कोरोना वायरस के बीच एक्पर्ट्स ने चेतावनी दी है कि कोरोना की तीसरी लहर से बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। इसी संबंध में दिल्ली एम्स के डाइरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि तीसरी लहर बच्चों पर असर डालेगी इसके कोई प्रमाण नहीं हैं।

उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में किसी सर्वे से ऐसी बात नहीं निकली है। तीसरी वेव कब आ सकती है या बच्चों पर इसका क्या असर होगा, इसे लेकर अब तक कहीं डाटा ग्लोबल नहीं है कि बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। इसका कोई प्रमाण नहीं है। अब तक दुनिया में डाटा नहीं है कि बच्चों में सीरियस इंफेक्शन हो।

डॉ गुलेरिया ने आगे कहा कि कोरोना का सिर्फ बच्चों पर असर होने की बात कहना गलत है। क्योंकि सालभर से देखने को मिल रहा है कि संक्रमण हर आयु वर्ग में है लेकिन जानलेवा 45 साल से अधिक उम्र वालों पर है या फिर जिनको गंभीर बीमारी है। डॉ गुलेरिया ने कहा कि यह अभी तक किसी वैज्ञानिक ने नहीं कहा कि तीसरी लहर में सिर्फ बच्चे प्रभावित होंगे बड़े नहीं।

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नहीं लगता कि बच्चों में गंभीर संक्रमण का खतरा देखने को मिलेगा

एम्स चीफ ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी जो बच्चे संक्रमित हुए वे हल्के ही बीमार पड़े। उन्होंने कहा कि नहीं लगता कि भविष्य में बच्चों में किसी गंभीर संक्रमण का खतरा देखने को मिलेगा।

देश में एक दिन में 1 लाख से कम मामले

दो महीनों से भी ज्यादा समय के बाद मंगलवार को देश में कोरोना संक्रमण के एक लाख से कम मामले दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश में कोविड-19 संक्रमण के 86,498 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

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