image source : google

नई दिल्ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने सरकार और लोगों के ढिलाई बरतने तथा कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन किए बगैर बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठे होने को लेकर चिंता प्रकट की। साथ ही, कहा कि ये घटनाएं महामारी की तीसरी लहर का मुख्य कारण बन सकती हैं। IMA ने एक बयान में कहा कि पर्यटकों का आगमन, तीर्थयात्राएं, धार्मिक उत्साह जरूरी हैं लेकिन कुछ और महीने इंतजार किया जा सकता है।

चिकित्सकों के संगठन ने कहा कि वैश्विक साक्ष्य और किसी भी महामारी के इतिहास से यह पता चलता है कि ‘‘तीसरी लहर अवश्यंभावी और आसन्न” है। बयान में कहा गया है, कि हालांकि, यह जिक्र करना दुखद है कि इस नाजुक वक्त में, जब हर किसी को तीसरी लहर की संभावना घटाने के लिए काम करने की जरूरत है।

देश के कई हिस्सों में, सरकारें और लोग ढिलाई बरत रहे हैं तथा कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन किए बगैर बड़ी संख्या में एकत्र हो रहे हैं। पर्यटकों का आगमन, तीर्थयात्राएं और धार्मिक उत्साह, ये सभी जरूरी हैं लेकिन कुछ महीने इंतजार किया जा सकता है।

See also  ओडिशा में 5 मई से 14 दिनों का लॉकडाउन,देश में रिकॉर्ड 3,689 मरीजों की मौत

IMA ने कहा कि इनकी इजाजत देना और लोगों को टीका लगवाए बगैर इस भीड़भाड़ में शामिल होने देना कोविड की तीसरी लहर में बड़ा योगदान दे सकता है।” ओडिशा के पुरी में सालाना रथ यात्रा शुरू होने के दिन और उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा की अनुमति दिए जाने की वार्ता होने के बीच यह बयान आया है। IMA ने सभी राज्यों से लोगों की भीड़भाड़ को रोकने की अपील की है।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर