महासमुंद। सरकारी योजनाओं का लाभ अपात्र लोग उठाते हैं, यह बात तो जगजाहिर है, मगर बुजुर्गों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन का लाभ युवा उठा रहे हैं, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है। महासमुंद की बरेकेल खुर्द पंचायत में ऐसी ही प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है, जहां सरकारी योजना का लाभ अपात्र लोग उठा रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

9 साल से मिल रही है अपात्रों को पेंशन

इस ग्राम पंचायत में 92 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन दिया जा रहा है, जिसमें से 41 युवा है। जिन्हें वृद्धावस्था पेंशन पिछले 9 साल से दिया जा रहा है। आरोप है कि बिना प्रस्ताव के इनका नाम नाम जोड़ दिया गया है। इसकी लिखित शिकायत के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

सरकार की ये है पेंशन योजना

शासन द्वारा 60 से 79 वर्ष के बुजुर्गों को 350 रूपये और 80 एवं उससे ऊपर के वृद्धों को 650 रूपये प्रतिमाह पेंशन दिया जाता है। इसके लिए जमा आवेदनों का प्रस्ताव पंचायत में पारित कर जनपद में भेजना पड़ता है।

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आखिर कैसे हुई गड़बड़ी ?

ग्राम बरेकेल खुर्द में सन 2010 में निर्वाचित हुए सरपंच पुरुषोत्तम सिंह ध्रुव ने बताया कि उनके सरपंच बनने के बाद उन्होंने 40 वृद्धों की प्रस्ताव सूची भेजकर नाम जोड़ने का अनुरोध किया था, मगर जब सूची वापस आयी तब उसमे 41 नाम प्रस्ताव वाली सूची से अलग थे। तब से वह जनपद में शिकायत करते आ रहे हैं कि वृद्धों की पेंशन सूची में युवाओं के नाम शामिल हैं, मगर आजतक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।

इस संबंध में जनपद पंचायत पिथौरा के ceo प्रदीप प्रधान का कहना है कि यह मामला काफी पुराना है, मगर उनके संज्ञान में अभी आया है। इसलिए मामले की जांच करके वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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