उर्जा संकट के बीच सियासत तेज, केंद्रीय मंत्री ने कहा इसका जिम्मेदार केंद्र नहीं, कई राज्यों ने कहा उन्हें कोयला न भेजा जाए

टीआरपी डेस्क। देशभर में कोयला संकट की खबरों के बीच यह जानकर राहत हो सकती है कि डिमांड से ज्यादा प्रोडक्शन होने लगा है। बिलासपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण खदानों से कोयला निकालने में परेशानी हो रही थी।

दूसरी ओर देश में कोयले की मांग बढ़ गई है, इसलिए कमी जैसी स्थिति बनी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में देश में बिजली कंपनियों की डिमांड 1.1 मिलियन टन है, लेकिन आज की तारीख में 2 मिलियन टन प्रोडक्शन करने लगे हैं। जोशी ने आश्वस्त किया कि देश में कोयला संकट होने नहीं देंगे। बता दें कि जोशी एसईसीएल के गेवरा, दीपका व कुसमुंडा खदान का दौरा करेंगे।

केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी (Prahlad Joshi) ने कोयला संकट पर बयान देते हुए केंद्र सरकार (Central Government) का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बीच में थोड़ी कमी हुई थी क्योंकि बहुत ज़्यादा बारिश हुई थी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय दाम अचानक बहुत बढ़ गए थे। इस कारण आयाति​त कोयले पर निर्भर पावर प्लांट 15-20 दिन से लगभग बंद हो गए हैं और जहां काम हुआ है बहुत कम प्रोडक्शन जनरेट कर रहे हैं। केंद्रीय कोयला मंत्री (Union Coal Minister) ने कहा कि हमने कल 1.94 मिलियन टन कोयला सप्लाई किया है।

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जोशी ने राज्यों को लेकर कहा कि मैं किसी राज्य का नाम नहीं लेना चाहता हूं, लेकिन जनवरी से जून तक हमने सभी राज्यों से अनुरोध किया था कि आप स्टॉक बढ़ाओ। इतना ही नहीं जून में हमें कई राज्यों ने ये तक कहा कि उन्हें कोयला ना भेजा जाए। उन्होंने केंद्र सरकार का बचाव करते हुए साफ किया कि इस समय नजर आ रहे कोयला संकट के लिए केंद्र जिम्मेदार नहीं है।

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