अखिलेश यादव ने लिया चुनाव न लड़ने का फैसला, सीएम ने किया पलटवार
अखिलेश यादव ने लिया चुनाव न लड़ने का फैसला, सीएम ने किया पलटवार

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा ऐलान किया है। अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है। इसकी जानकारी समाचार एजेंसी की ओर से दी गई है। इसके साथ ही यादव ने ये भी कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सपा और रालोद के बीच गठबंधन को लेकर बात बन गई है।

भाजपा के नेताओं पर साधा निशाना

अध्यक्ष ने ये बात एक साक्षात्कार दौरान कहा कि रालोद के साथ सीट बंटवारे को अभी अंतिम रूप दिया जाना है। इसके पीछे की वजह उन्होंने यह बताया की वो खुद को किसी एक सीट से बांधकर नहीं रखना चाहते हैं। विगत दिनों सरदार पटेल की तुलना पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से करने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं भाजपा नेताओं के निशाने पर आ गए हैं।

इस बयान के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अखिलेश पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बयान ‘तालिबानी मानसिकता’ को दर्शाता है। इस तरह की मानसिकता देश को बांटने वाली है। सीएम योगी ने कहा कि इस तरह की सोच देश स्वीकार नहीं करेगा।

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पटेल से जिन्ना की तुलना शर्मनाक-सीएम योगी


एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने सरदार वल्लभभाई पटेल की तुलना जिन्ना से की। यह शर्मनाक है। यह तालिबानी मानसिकता है जो कि विभाजन में विश्वास करती है। सरदार पटेल ने देश को एकजुट किया। अब मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार किया जा रहा है।

गठबंधन को दे दिया अंतिम रूप

वे पूरे प्रदेश में पार्टी के लिए प्रचार करना चाहते हैं। मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश अभी आजमगढ़ से सांसद हैं। वहीं यदि पार्टी सत्ता में आती है तो निश्चिततौर पर मुख्यमंत्री अखिलेश ही बनेंगे। वहीं एक और बड़ा ऐलान करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, चुनाव के लिए उनकी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के बीच गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया गया है।

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चुनाव में चाचा शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया को साथ लेने की संभावना पर अखिलेशय यादव ने कहा कि मुझे इसमें कोई समस्या नहीं है। उन्हें और उनके लोगों को उचित सम्मान दिया जाएगा।

चुनावी वादे पूरा न करने का लगाया आरोप

शनिवार को भाजपा पर हमला बोलते हुए सपा अध्यक्ष ने भगवा पार्टी पर अपने चुनावी वादे पूरा न करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि पिछले विस चुनाव में भाजपा ने किसानों के लिए जो वादे किए थे, उसे उसने पूरा नहीं किया। वह अपने चुनावी घोषणापत्र को भूल गई। भाजपा ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ। राज्य के किसान अब पूछते हैं कि उनकी आय कब दोगुनी होगी? अखिलेश ने यूपी सरकार पर गन्ना किसानों का भुगतान समय पर न करने का भी आरोप लगाया।

ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं अखिलेश

समझा जाता है कि अखिलेश यादव अपना ध्यान पूरी तरह से चुनाव पर केंद्रित करना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि अगर किसी सीट से वह चुनाव लड़े तो शायद वह पूरे राज्य में चुनाव प्रचार पर अपना ध्यान केंद्रित न कर पाएं। उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में सपा का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी से है। आगामी चुनाव के लिए सपा अपने चुनावी गठजोड़ को अंतिम रूप देने में जुटी है

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छोटे दलों को साथ लाना चाहती है सपा

इस बार वह चुनाव में छोटे-छोटे दलों को अपने साथ लाना चाहती है। 2017 का विधानसभा चुनाव उसने कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा था लेकिन इस चुनाव में उसे झटका लगा। 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी के साथ गठजोड़ किया लेकिन इस गठजोड़ का भी उसे फायदा नहीं मिला। बड़े दलों के साथ गठबंधन का फायदा न मिलने पर सपा इस बार छोटे दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ना चाहती है।

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