देखिए कलेक्टर साहब..! रकबा संशोधन के नाम पर पटवारी मांग रहा किसानों से रिश्वत, सरगुजा में किसान परेशान
देखिए कलेक्टर साहब..! रकबा संशोधन के नाम पर पटवारी मांग रहा किसानों से रिश्वत, सरगुजा में किसान परेशान

अंबिकापुर। प्रदेश में 1 दिसंबर से धान खरीदी की शुरुआत होते ही सियासत चरम पर है। एक तरफ जहां विपक्षी दल भाजपा रकबा कम कर किसानों से धान खरीदी करने का प्रदेश सरकार पर आरोप लगा रही है, वहीं प्रदेश सरकार अब गिरदावरी में संशोधन कर किसानों से धान खरीदी करने की बात कह रही है।

घर पर ही बैठकर भौतिक सत्यापन

सरगुजा जिले में भी कई ऐसे मामले सामने आए, जहां किसानों ने आरोप लगाया कि पटवारी द्वारा घर पर ही बैठकर भौतिक सत्यापन किया गया और रकबा को कम कर दिया गया। ऐसे में किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है कि वह अपने संपूर्ण धान को कैसे बेचेंगे। किसानों की समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने एक आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक 10 दिसंबर तक रकबा में संशोधन कर किसानों द्वारा उपजाए गए संपूर्ण धान की खरीदी की जाएगी।

पटवारी खुले आम मांग रहे रिश्वत

कलेक्टर के आदेश के बाद जिले भर के पटवारी इन दिनों रकबा संशोधन के कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन किसानों की समस्या अभी खत्म नहीं हुई है, क्योंकि जिले में कई ऐसे भ्रष्ट पटवारी हैं, जो रकबा संशोधन के नाम पर खुलेआम किसानों से रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

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नहीं दी रकम तो घटा देता है रकबा

दरअसल पूरा मामला सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत जुड़वानी का है। ग्राम अमगसी स्थित हल्का पटवारी कार्यालय में पदस्थ पटवारी संतोष अग्रवाल पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रकबा संशोधन के नाम पर पटवारी संतोष अग्रवाल द्वारा प्रत्येक किसान से 10-10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। यही नहीं ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पटवारी संतोष अग्रवाल किसानों को सीधे धमकी देता है कि यदि 10-10 हजार रुपए रिश्वत किसान नहीं देते हैं तो उनके रकबा का संशोधन नहीं किया जाएगा। जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।

आरोप को झूठा बताया पटवारी ने

रिश्वतखोरी से परेशान ग्रामीणों ने मिडिया के समक्ष अपनी व्यथा बताई और बयान भी दिया, मगर जब इस सम्बन्ध में TRP न्यूज़ ने पटवारी संतोष अग्रवाल से बात की तो उसने आरोपों को सिरे से नकार दिया। अपनी सफाई में उसका कहना है कि जो महिला बयान दे रही है, वह उसके पास कभी आयी ही नहीं है।
बहरहाल किसानों के इस गंभीर आरोप को सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा कितनी गंभीरता से लेते हैं और पटवारी के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है यह देखने वाली बात होगी।

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