TRP Exclusive: असुरक्षा की भावना या स्टेटस सिंबल, छत्तीसगढ़ में महिलाओं ने भी आत्मरक्षा के लिए लिया गन लाइसेंस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक का सहारा ले रही हैं। कम से कम आकंड़े तो यही कहानी कह रहे हैं कि अब महिलाएं भी शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में अब पीछे नहीं हैं। आंकड़ों के अनुसार 2019 से अब तक विशेषकर कोरोना काल के दौरान 64 गन लाइसेंस जारी हुए जिसमें महिलाओं भी शामिल हैं।

प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि शस्त्र का लाइसेंस लेने वालों में सबसे अधिक बिल्डर, ठेकेदार, धनाड्य वर्ग के लोग हैं। मगर कोरोना काल के दौरान जब सबकुछ बंद था इस दौरान यानी 2019-2020 और 2020-2021 में 58 लोगों को गन लाइसेंस जारी हुए हैं या लाइसेंस रिन्यू किए गए हैं। वहीं यदि हम 2021 की बात करें तो अभी तक 30 लोगों को लाइसेंस जारी किया जा चुका है और कुछ अन्य लोगों को भी दिसंबर के अंत शस्त्र लाइसेंस जारी हो सकते हैं।

वर्ष लाइसेंस रिन्यू नए लाइसेंस जारी

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2019-2020 17 10

2020-2021 19 12

2021 से अब तक 30

असुरक्षा की भावना या कुछ और

कलेक्टरेट से मिले आकड़ों से एक बात तो तय है कि महिलाएं भी अब शस्त्र रखने लगी हैं। वर्ष 2019 से 2021 की बात करें तो शहर की कुछ महिलाओं को गन रखने की परमीशन दी जा चुकी हैं जिनमें से एक युवती को खेल प्रैक्टिस के लिए भी शस्त्र लाइसेंस इश्यू किया गया है।

लाइसेंस के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • पहचान प्रमाण पत्र और एड्रेस प्रूफ
  • मेडिकल सर्टिफिकेट(कि आप मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ हैं)
  • आयु प्रमाण पत्र (कि आपकी उम्र 21 वर्ष या उससे अधिक है)
  • चरित्र प्रमाण पत्र (कि आपके ऊपर कोई गंभीर क्रिमिनल केस नहीं है)
  • इनकम की जानकारी (कि आप अगर टैक्सपेयर्स हैं तो जिम्मेदार नागरिक हैं)
  • संपत्ति की जानकारी, नौकरी या बिजनेस के बारे में जानकारी
  • किसी प्रकार की देनदारी हो, लोन या उधार ले रखा है..तो इसकी जानकारी
  • शस्त्र चलाने और रखरखाव की ट्रेनिंग का लाइसेंस
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क्या है लाइसेंस मिलने का प्रोसेस?

सबसे पहले आपको कलेक्‍टर के दफ्तर में आवेदन करना होगा। यहां से आपका एप्लिकेशन एसपी के कार्यालय में भेजा जाता है और फिर वहां से आपके लोकल पुलिस स्टेशन में। अब पुलिस स्टेशन में आपका वेरिफिकेशन होगा। आपकी पहचान, कामकाज और क्रिमिनल रिकॉर्ड के बारे में। जरूरत पड़ने पर क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में भी पड़ताल होती है।

थाने द्वारा की गई जांच को क्रॉसचेक किया जाता है फिर रिपोर्ट वापस एसपी ऑफिस भेज दी जाती है। वहां से औपचारिकता पूरी कर रिपोर्ट के साथ आपका आवेदन वापस डीएम कार्यालय भेज दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर या संदेह होने पर इंटेलीजेंस विभाग से भी जांच करवाई जाती है।

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