उदयपुर राजमहल में बवाल के बाद देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी विभा ने कहा - मेरी जान को ख़तरा, मुझे मारा ज़रूर जाएगा
उदयपुर राजमहल में बवाल के बाद देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी विभा ने कहा - मेरी जान को ख़तरा, मुझे मारा ज़रूर जाएगा

रायपुर। खैरागढ़ राजपरिवार में संपत्ति को लेकर उठे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। एक दिन पूर्व ही राजमहल में हुए बवाल के बाद दिवंगत विधायक देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी श्रीमती विभा सिंह ने कहा है कि मुझे जान का खतरा और मुझे मारा ज़रूर जाएगा।

राजनीति का हुई शिकार…

रायपुर प्रेस क्लब में आज मीडिया से बातचीत करते हुए विभा सिंह ने कहा कि मैं देवव्रत की पहली पत्नी पद्मा सिंह और उनके इर्द-गिर्द रहने वालों की राजनीति का शिकार हो गई हूं। मैंने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मुझे जान एवं संपत्ति की सुरक्षा दिए जाने एवं पद्मा सिंह तथा अन्य के खिलाफ दंडात्मक कार्रवााई करने की मांग की है।

पति की मौत पर जताया संदेह

विभा सिंह ने कहा कि दीपावली के समय उदयपुर राज महल काफ़ी सजा था। उसी दौरान देवव्रत सिंह गाने गा रहे थे। अपने फ़ेस बुक एकाउंट में वे उत्साह के साथ काफी कुछ चीजें शेयर भी कर रहे थे। ऐसे समय में देवव्रत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होना किसी षड़यंत्र की तरफ इशारा करता है। देवव्रत के शव का पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए था। यदि पोस्टमार्टम हुआ होता तो सच सामने आ जाता।

पद्मा सिंह पर षड्यंत्र का आरोप

उदयपुर के राजमहल में कल हुई घटना के सन्दर्भ में विभा सिंह ने आरोप लगाया कि देवव्रत की मौत के बााद अब उनकी तलाकशुदा पत्नी पद्मा सिंह हक़ जताने सामने आ गई हैं। पद्मा सिंह एवं उनके लोगों ने षड़यंत्र के तहत पहले खाना एवं शराब बंटवाया। फिर मुझे उदयपुर महल बुलवाया गया। मेरे उदयपुर महल पहुंंचते ही हमला हुआ, पथराव हुआ। एक पत्थर मुझे आकर लगा। मेरी गााड़ी में तोड़फोड़ की गई। मैंने अपना एक प्राइवेट गनमेन रखा था, उसे भी डांट डपटकर भगा दिया गया। मुझे किसी तरह की कहीं से सिक्योरिटी नहीं मिल रही है। सारे षड़यंत्र के पीछे पद्मा सिंह के अलावा राजन सिंह, बंटी सिंह, टिल्लू महोबिया एवं गनमेन शिववीर सिंह चौहान शामिल हैं। 20 साल पुराने गनमेन शिववीर सिंह ने मुझे धक्का देकर कार की चाबी तक छिन ली। जिस तरह मेरे पीछे लोग लगे हैं, शायद मैं बच नहीं पाउंगी।

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तलाक के बाद किस हैसियत से आईं खैरागढ़..?

विभा सिंंह ने सवाल उठाया कि पद्मा सिंह जब 11 करोड़ लेकर देवव्रत सिंह से तलाक ले चुकी थीं, तो अब किस हैसियत से खैरागढ़ आई हैं। उल्टे षड़यंत्र पूर्वक मुझे पैलेस में रहने से वंचित किया रहा है। इस समय पहनने के लिए मेरे पास गिने-चुने ही कपड़े हैं और मुझे दर-दर भटकना पड़ रहा है। ऊपर से एक ऑडियो जारी कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। लगता है कि ऑडियो जारी कर यह जताया जा रहा है कि इसे कोई और नहीं देवव्रत सिंह ने जारी किया था और वे षड़यंत्रकारी थे।
विभा सिंह ने बताया कि देवव्रत के निधन के पहले राज परिवार के ऊपर बैंक एवं प्राइवेट सेक्टर में करोड़ों की देनदारियां हो चुकी थीं। पद्मा सिंह ऐसे समय में भी पॉलिटिक्स खेलने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही हैं। वह नहीं चाहतीं कि विभा सिंह का नाम किसी भी रूप में आगे आए।

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कल राजभवन के अंदर और बाहर हुआ था बवाल

गौरतलब है कि कल सुबह 11 बजे से परिवार के दोनों पक्षों के लोग उदयपुर में जुट गए थे। काफी चर्चा और विचार विमर्श के बाद पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में दोपहर 3 बजे पैलेस का ताला खुला। देवव्रत सिंह के बेटे राजा आर्यव्रत ने उदयपुर पैलेस का ताला खोला। आर्यव्रत और राजकुमारी शताक्षी सिंह के साथ पदमासिंह भी पैलेस के कमरे में दाखिल हो रही थी, जिस पर विभा सिंह ने आपत्ति जता दी। मौके पर दोनों पक्षों के वकील भी मौजूद थे। विभा सिंह की कड़ी आपत्ति के बाद पदमा को भीतर दाखिल नहीं होने दिया गया।

पैलेस के बाहर जुटी भीड़ विभा सिंह पर बच्चों पर अत्याचार करने और देवव्रत सिंह को लगातार प्रताड़ित करते रहने का आरोप लगा रही है। देर शाम जब आर्यव्रत सिंह के खैरागढ़ जाने की खबर फैली तो भीड़ और आक्रोशित हो गई, भीड़ में मौजूद कई महिलाएं मेन गेट को तोड़कर पैलेस के मैदान में जा घुसी। पुलिस की टीम भी भीड़ को नहीं संभाल पाई।

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बता दें कि कुछ दिनों पूर्व ही स्व. देवव्रत सिंह के दोनों बच्चों ने मिडिया के समक्ष बयान देते हुए अपनी सौतेली मां याने विभा सिंह के ऊपर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस और खैरागढ़ की जनता से सहयोग की अपील की थी। इसके बाद कल समझौते का प्रयास हुआ मगर उलटे पूरे गांव में तनाव व्याप्त हो गया। अब इस मामले में देवव्रत सिंह की दूसरी पत्नी ने सामने आकर खुद की जान को खतरा बताया है।

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