मंत्री अकबर

रायपुर। अरबों रूपये के कर्ज के मामले में बैंक द्वारा NRDA की संपत्ति कब्जे में लिए जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा लगाए गए आरोप पर प्रदेश के आवास मंत्री मोहम्मद अकबर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मांग के आंकलन एवं सर्वे किए बगैर निवेश करने तथा अत्याधिक लागत में निर्माण कराने के पूर्व की भाजपा सरकार के निर्णय के चलते ये स्थिति निर्मित हुई है। इसके लिए पूरी तरह से पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ही जिम्मेदार है।

निर्माण लागत और कीमत शहरी इलाके से काफी ज्यादा

मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि अटल नगर नवा रायपुर में रिटेल कॉम्प्लेक्स की निर्माण लागत 262.31 करोड़ है। निर्माण की लागत अत्याधिक होने से रिटेल कॉम्प्लेक्स की 9425 प्रति वर्ग फुट की दर रायपुर नगर के श्याम प्लाजा पण्डरी, मैग्नेटो माल तेलीबांधा एवं अन्य उपलब्ध बिल्टअप एरिया की दर से भी अधिक है। उन्होंने बताया कि जब रिटेल कॉम्प्लेक्स के भवन का निर्माण किया गया, तब मार्केेट में इस परियोजना एवं इसकी मांग से संबंधित किसी भी प्रकार का सर्वे/आंकलन आदि नहीं किया गया था। रियल इस्टेट में मंदी होने एवं नवा रायपुर में उक्त दर पर मांग न होने से परियोजना का समय सीमा में विक्रय होना संभव नहीं हो पाया।

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रिटेल कॉम्प्लेक्स के नहीं मिल रहे हैं खरीददार

मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम कयाबांधा एवं ग्राम बरौदा के कुल भाग रकबा 2.659 हेक्टेयर भूमि में रिटेल काम्पलेक्स का निर्माण हुआ है। रिटेल कॉम्प्लेक्स एवं वाणिज्यिक गतिविधियों के विकास हेतु यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 169 करोड़ का ऋण प्राप्त कर जून 2016 में निर्माण प्रारंभ किया गया, जिसे 31.12.2018 को पूर्ण किया गया। प्राप्त ऋण के विरूद्ध 20.71 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। 30 जून 2021 की स्थिति में 158.29 करोड़ का ऋण शेष है।
भवन में कुल विक्रय योग्य कारपेट एरिया लगभग 2.64 लाख वर्गफीट है। इसमें से 10 प्रतिशत, 0.27 लाख कारपेट एरिया का विक्रय ही किया जा सका है। इसके अलावा 06 प्रतिशत, 0.17 लाख कारपेट एरिया मासिक किराया पर आबंटित है। भवन में 2.20 लाख कारपेट एरिया आबंटन/विक्रय हेतु शेष है।

संपत्ति नहीं बिकी तो ऋण का भी नहीं हुआ भुगतान

आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि डाॅ. रमन सिंह ने अपने कार्यकाल में रहते उक्त रिटेल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य बिना सोचे समझे, मार्केट में बिना मांग आदि का आंकलन किए बहुत अधिक लागत में कराया है। इसके चलते यह स्थिति निर्मित हुई है। उन्होंने कहा कि मांग के अनुरूप निर्माण कार्य कराया गया होता तो यह नौबत नहीं आती। इस भवन का कारपेट एरिया बाजार मूल्य में आसानी से बिक जाता। अधिक लागत में निर्माण कराए जाने से कारपेट एरिया की बिक्री नहीं हो पाई है। कारपेट एरिया बिक गया होता तो ऋण भुगतान हो जाता। इस पूरे मामले में मोहम्मद अकबर ने पूरी तरह पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह की नीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने ऐसे भवन के निर्माण में राज्य के राशि का निवेश किया जिसकी मार्केट में कोई मांग नहीं है।

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मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह अपनी गलतियों पर विचार कर पश्चाताप करने की बजाए डाॅ. रमन सिंह वर्तमान सरकार पर आरोप लगाने से बाज नहीं आ रहेहैं। अपने पूरे कार्यकाल में डाॅ. रमन सिंह ने प्रदेश की जनता के पैसों की बर्बादी की है।


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