कोरोना काल में भी विश्व में कम नहीं हुआ भ्रष्टाचार, देखिये Transparency International की रिपोर्ट, भारत की रैंकिंग केवल एक अंक सुधरी
कोरोना काल में भी विश्व में कम नहीं हुआ भ्रष्टाचार, देखिये Transparency International की रिपोर्ट, भारत की रैंकिंग केवल एक अंक सुधरी

नई दिल्ली। दुनिया के अधिकतर देशों ने पिछले एक दशक में भ्रष्टाचार के स्तर को कम करने में बहुत कम या कोई प्रगति नहीं की है और कोविड-19 वैश्विक महामारी ने स्थिति को और खराब कर दिया है।

भ्रष्टाचार विरोधी संगठन ‘ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल’ के अध्ययन में यह दावा किया गया है। विशेषज्ञों और व्यवसायियों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार की धारणा को मापने वाले ‘ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल’ के ‘भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2021’ के अुनसार, ‘‘ न केवल प्रणालीगत भ्रष्टाचार और कमजोर संस्थानों वाले देशों में, बल्कि स्थापित लोकतांत्रिक देशों में अधिकारों और नियंत्रण एवं संतुलन की व्यवस्था को तेजी से कमजोर किया जा रहा है।’’

रिपोर्ट में पिछले एक साल के जिन मुद्दों का जिक्र किया गया है, उनमें दुनियाभर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और नेताओं की जासूसी से जुड़ा पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल भी शामिल है।

भारत 86 वें नंबर पर, पकिस्तान और नीचे गिरा

करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI) में 180 देशों को भ्रष्टाचार के स्तर पर रैंक किया जाता है। भारत को इस लिस्ट में 86वें नंबर पर रैंक किया गया है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (Transparency International) के Corruption Perceptions Index 2021 ने ताजा रिपोर्ट जारी की है। इस सूचकांक के मुताबिक पाकिस्तान को झटका लगा है। सूचकांक के मुताबिक पिछले एक साल में पाकिस्तान में भ्रष्टाचार काफी बढ़ गया है। 180 देशों के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2021 में पाकिस्तान 16 पायदान फिसलकर 140वें स्थान पर पहुंच गया है। इस सूचकांक में भारत एक अंक सुधार करते हुए 85वें स्थान पर पहुंचा है।

See also  Gautam Adani : अडानी ने फिर लगाई ऊंची छलांग, बने एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति

भ्रष्टाचार के मामले में भारत का मौजूदा हाल

भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2021( Corruption Perceptions Index 2021 ) में भारत पिछले साल की तरह 85वें स्थान पर काबिज है। 2013 के बाद से इस सूचकांक में भारत की स्थिति में सुधार हुआ है। इससे पहले के दो सालों 2014 और 2015 में भारत का स्कोर 38 था। 2016 में यह स्कोर बढ़कर 40 हुआ और 2017 में भी यही रैंक बना रहा. साल 2018 में भारत 1 नंबर की बढोत्तरी के साथ भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक ( Corruption Perceptions Index 2021 ) में सबसे बेहतर 41 के स्कोर पर जा पहुंचा था। 2019 में भी भारत का स्कोर इतना ही बना रहा। साल 2020 में भारत एक अंक से पीछे पहुंच गया और दोबारा 40 के स्कोर पर जा पहुंचा। 2021 में भी भारत के स्कोर में कोई सुधार नहीं हुआ और अब भी यह 40 ही बना हुआ है.

डेनमार्क, न्यूजीलैंड और फिनलैंड टॉप पर

नॉर्वे, सिंगापुर, स्वीडन, स्विटजरलैंड, नीदरलैंड, लक्जेमबर्ग और जर्मनी ने टॉप 10 में जगह बनाई है. लिस्ट में डेनमार्क, न्यूजीलैंड और फिनलैंड 88-88 अंकों के साथ पहले नंबर पर हैं। अमेरिका को 2020 में 67 अंक मिले थे। अमेरिका को इस बार भी इतने ही अंक मिले हैं, कनाडा 74 अंकों के साथ 13वें नंबर पर है। सोमालिया को 13, वेनेजुएला को 14 और यमन, उत्तर कोरिया और अफगानिस्तान को 16-16 अंक मिले हैं।

See also  CG News: आईआईएम पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम सहित पूरा कैबिनेट चिंतन शिविर में रहेगा मौजूद

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर