12 फ़रवरी से आम लोगों के लिए खुल जायेगा राष्ट्रपति भवन का मुगल गार्डन, इन्हें नहीं मिलेगी प्रवेश की अनुमति
12 फ़रवरी से आम लोगों के लिए खुल जायेगा राष्ट्रपति भवन का मुगल गार्डन, इन्हें नहीं मिलेगी प्रवेश की अनुमति

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन स्थित ऐतिहासिक और विशाल मुगल गार्डन जल्द खुलने वाला है। अपने गुलाबों और खूबसूरत ट्यूलिप के बगीचों के लिए प्रसिद्ध यह गार्डन 12 फरवरी से खुल रहा है। वैसे, यह हर वर्ष फरवरी के पहले सप्ताह से दर्शकों के लिए खुल जाता है और एक माह से अधिक दिनों तक दर्शक इसका दीदार करते थे, लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के बढ़े मामलों के चलते इसे खोलने में एक सप्ताह की देरी हुई है।


बच्चे और बुजुर्ग नहीं कर सकेंगे गार्डन का दीदार

पिछले वर्ष की तरह इस बार भी 10 वर्ष से छोटे बच्चों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को मुगल गार्डन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके साथ ही प्रवेश करने वालों को प्रतिबंधित चीजों के बगैर सरकार द्वारा जारी कोरोना दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर ही मुगल गार्डन में प्रवेश मिलेगा। शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए एक समय में निश्चित लोगों को ही प्रवेश मिलेगा।

See also  पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के 'डोनी पोलो' हवाई अड्डे का किया उद्घाटन

ऑनलाइन करा सकेंगे अपना पंजीयन

कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुगल गार्डन में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से आनलाइन रखी गई है। लोगों को प्रवेश की तिथि से एक सप्ताह पहले ही https://rb.nic.in/rbvisit/rb-visit_booking_status_mughal.aspx पर जाकर बुकिंग करानी होगी।
गेट नंबर 35 से मिलेगा प्रवेश: मुगल गार्डन में राष्ट्रपति भवन के 35 नंबर गेट से ही आम दर्शकों को प्रवेश मिलेगा। यह नार्थ एवेन्यू रोड की ओर पड़ता है।

उद्यान के भीतर 12 उद्यान, मुफ्त होती है यात्रा

राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डन की यात्रा पूरी तरह से मुफ्त होती है। इसके लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ता है। मुगल गार्डन में 12 अलग-अलग तरह के गार्डन हैं। यहां रोज गार्डन, बायो डायवर्सिटी पार्क, म्यूजिकल फाउंटेन, हर्बल गार्डन, बटरफ्लाई, सनकीन गार्डन, कैक्टस गार्डन, न्यूट्रीशियन गार्डन व बायो फ्यूल पार्क है।

इस वजह से खास है मुगल गार्डन

करीब 15 एकड़ में फैले मुगल गार्डन में 135 किस्म के हजारों गुलाब मौजूद हैं। इसी तरह 3000 पौधे कंदी फूल से तैयार रेनिनकुलस है खास 10000 पौधे ट्यूलिप के जो आठ किस्म में यहां है। इसी तरह 70 किस्म के मौसमी फूलों के पौधे हैं, तो वहीं हर्बल गार्डन में 33 जड़ी बूटी के पौधे हैं। 50 किस्मों की 300 बोनसाई भी यहां मौजूद हैं।

See also  Raipur City News: इस सत्र से रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में पढ़ाई जाएगी संस्कृत, AI सहित चार और स्पेशल कोर्स शुरू होंगे

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर