Holi Special : छत्तीसगढ़ के इस गाँव में श्राप की वजह से सदियों से चली आ रही है यह अजीब परंपरा

रायपुर। 18 मार्च को पूरा देश धूमधाम से होली मनाएगा। देश में अलग-अलग राज्य में होली का त्योहार अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) का एक गांव ऐसा है जहां होली मनाने की एक अजीब सी परंपरा है। यहां होली तो हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है, लेकिन यहां कभी भी होलिका दहन नहीं मनाया जाता। जी हां हम आपको बता रहे हैं छत्तीसगढ़ के धमतरी गांव की इस अनोखी परंपरा के बारे में। यहां होली एक अलग अंदाज में मनाई जाती है। यहां 12वीं शताब्दी से होलिका दहन न करने का प्रचलन चला आ रहा है।

कैसे हुई शुरुआत?

गांव के एक बुजुर्ग ने इस प्रथा के बारे में बताया कि 12वीं सदी में एक व्यक्ति तालाब का पानी रोकने गया था और उस रात उसकी मौत हो गई। यह बात जब उसकी पत्नी को पता चली तो वह सती हो गई। इसके बाद से ही इस गांव में उसे पूजा जाने लगा। आज तक जिसने भी गांव में सती माता को नाराज किया है उसकी जान चली गई है या फिर उसे अपनी जिंदगी में भारी कष्ट सहने पड़े हैं। इसी कारण गांव में होलिका दहन नहीं किया जाता। इस परंपरा को आज तक निभाया जा रहा है।

See also  IAS Farewell : सोने की पालकी में IAS की विदाई! सहकर्मियों का सम्मान देखकर भावुक हुईं अधिकारी…

ऐसी भी है मान्यता…

बुजूर्गों की माने तो यहां पर सती माता का मंदिर है और एक कुंवारी कन्या उस वक्त सती हो गई थी जब उसके प्रेमी को नरबलि के रूप में चढ़ा दिया गया था जिसके बाद कुंवारी कन्या सती हुई और उस दिन से आज तलक इस गांव में होलिका दहन नहीं किया जाता और ना ही विवाहित स्त्री मंदिर में जा कर पूजा पाठ करती हैं कुंवारी कन्या ही मंदिर में प्रवेश करती हैं और पूजा पाठ कर आशीर्वाद प्राप्त करती हैं वर्षों की परंपरा आज भी कायम है जहां पर होली सादगी पूर्ण मनाई जाती है और होली दहन नहीं किया जाता।

दशहरे में नहीं जलाया जाता रावण

ऐसा नहीं है कि इस गांव में सिर्फ होली का ही जलना मना है। यहां न तो होली जलती है और न ही रावण जलाया जाता है। बता दें इस गांव में चिता जलाना भी सख्त मना है। अगर किसी की मृत्यु होती है तो उसका दाह-संस्कार गाँव की सीमा से बाहर किया जाता है। गांव के लोगों का कहना है कि अगर कोई ऐसा काम करता है तो पूरे गांव में संकट आ जाता है और उस व्यक्ति को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

See also  धान खरीदी में नहीं रुक रहा फर्जीवाड़ा : प्रदेश भर में लगातार SUSPEND हो रहे हैं अधिकारी

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर