रायपुर : भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा कराए जाने वाले नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की 2019-21 की रिपोर्ट ने प्रदेश के लिए एक चिंता भरी बात जाहिर की है। दरअसल 2019-21 के सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में साक्षर पुरुषों की संख्या कम हो रही है। हालांकि राहत की बात है कि प्रदेश में साक्षर महिलाओं की संख्या में पिछली बार की अपेक्षा काफी इजाफा है। लेकिन घटती साक्षर पुरुषों की संख्या प्रदेश के लिए एक चिंता का विषय बन सकती है।

6.2 प्रतिशत अधिक महिलाएं हुई साक्षर

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा जारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-21 के अनुसार प्रदेश में 72.5% महिलाएं साक्षर हैं। जबकि विगत सर्वे 2015-16 में प्रदेश की केवल 66.3% महिलाएं साक्षर थी। इसका अर्थ है कि इन वर्षों में प्रदेश की 6.2% महिलाओं में साक्षरता का प्रतिशत बढ़ा है।

पुरुष साक्षरता में आई 3% की गिरावट

भारत सरकार के सर्वे के अनुसार 2019-21 में प्रदेश के 82.7% पुरुष साक्षर हैं। इसी सर्वे की 2015-16 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 85.7% पुरुष साक्षरता थी। इसका अर्थ है कि विगत वर्षों में प्रदेश में पुरुष साक्षरता का प्रतिशत 3% घट गया है।

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NFHS 2015-16 रिपोर्ट (लाल घेरे में प्रदेश का औसत प्रतिशत)
NFHS 2019-21 रिपोर्ट (लाल घेरे में प्रदेश का औसत प्रतिशत)

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला साक्षरता में हुआ अधिक इजाफा

National Family Health Survey के अनुसार प्रदेश में महिला साक्षरता में 6.2% की वृद्धि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर उसका औसत है। अगर विशेषकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की अलग-अलग बात करें तो शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में महिला साक्षरता को अधिक बढ़ावा दिया गया है। शहरी क्षेत्र में 2015-16 के सर्वे के अनुसार 81.6% महिलाएं साक्षर थी वहीं 2019-21 के सर्वे के अनुसार या प्रतिशत बढ़कर 83.4% हुआ। जिसका अर्थ है कि प्रदेश में केवल 1.8% का इजाफा शहरी क्षेत्र की महिलाओं की शिक्षा के मामले में हुआ है। लेकिन वहीं अगर ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो 2015-16 के सर्वे में 61.3% महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों से साक्षर थी। जबकि, 2019-21 के सर्वे में 69.1% महिलाओं को साक्षर बताया गया है। जिसका अर्थ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विगत वर्षों में 7.8% अधिक महिलाएं साक्षर हो गई हैं।

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NFHS 2015-16 रिपोर्ट (लाल घेरे में क्रमशः शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिशत)
NFHS 2019-21 रिपोर्ट (लाल घेरे में क्रमशः शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिशत)

शहरी-ग्रामीश दोनों क्षेत्रों में साक्षर पुरुषों की संख्या घटी

जहां एक ओर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं साक्षर होती जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्र में पुरुषों की साक्षरता निरंतर घटती जा रही है। 2015-16 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 93% पुरुष साक्षरता थी। जबकि 2019-21 के रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में साक्षर पुरुषों का प्रतिशत घटकर 84.8% हो गया है। जिसका अर्थ है कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में पुरुष साक्षरता में 8.2% की कमी आई है। वहीं अगर ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो 2015-16 के सर्वे के अनुसार प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में 83.1% साक्षर पुरुष थे। जो 2019-21 में घटकर 82% हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुरुष साक्षरता लगातार घटी है और विगत वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 1.1% कम पुरुष साक्षर हुए हैं।

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