Mohali Blast : मोहाली में इंटेलिजेंस दफ्तर के हमला, आतंकी हमले की आशंका

पंजाब। पंजाब पुलिस के मोहाली स्थित गुप्तचर शाखा के मुख्यालय में सोमवार की रात तेज धमाका हुआ। धमाके से कई खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं। धमाका रात 7.45 बजे के करीब हुआ। हमले की टेरर एंगल से भी जांच की जा रही है।

हालांकि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ। जब यह हमला हुआ उस समय अधिकतर मुलाजिम मुख्यालय से घर निकल गए थे। केवल सुरक्षा में तैनात स्टाफ ही वहां पर तैनात था।

सूत्रों की मानें तो हमले के बाद तत्काल पूरे एरिया को पुलिस ने घेर लिया। मौके पर सीनियर अधिकारी पहुंच गए हैं। पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। इस घटना के पीछे किस संगठन का हाथ है, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। पूरे तथ्य सामने आने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।

मोहाली में इंटेलिजेंस कार्यालय पर हुए हमले ने दहलाकर रख दिया है। इसी के साथ पंजाब में आतंकवाद के काले बादल मंडराने लगे हैं। पिछले सात दिन में लगातार आतंकी घटनाओं ने केंद्र व पंजाब की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। यह हमला भले ही बहुत बड़ा न रहा हो और न ही इसमें कोई नुकसान हुआ हो लेकिन इस घटना के बाद से सामने आ रहे तथ्यों को देखते हुए इसके आतंकी हमला होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

ये बातें जो इस घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करती हैं-

  • यह हमला मुख्यालय के बाहर से हुआ और वो भी रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से किया गया। यह लॉन्चर 700 मीटर की दूरी से भी हमला कर सकता है। अब सवाल उठता है कि इतने खतरनाक हथियार जो आतंकी वारदातों में ही इस्तेमाल होते हैं वह राज्य में कैसे आए।
  • इस तरह के हथियार से हमला करने का मकसद इंटेलिजेंस मुख्यालय को नुकसान पहुंचाना भी हो सकता है। ऐसा हमला आतंकी गतिविधियों का हिस्सा माना जाता है। ऐसे में इस हमले को पूरी तरह से आतंकी हमला न मानना बड़ी चूक हो सकती है।
  • बीते कुछ दिनों पहले मिले टिफिन बम पंजाब में अभी भी हैं, जिनको एजेंसियां खोज नहीं पाई हैं। इंडियन सिख यूथ फेडरेशन नामक आतंकवादी गुट ने पंजाब में ड्रोन के जरिए टिफिन बम भेजे थे, जिसमें से चार अभी नहीं मिल पाए हैं। यह टिफिन बम कहां हैं ? इसको लेकर एजेंसियां लकीर पीट रही हैं।
  • गत दिवस ही पंजाब पुलिस ने पुलिस ने डेढ़ किलो आरडीएक्स व अन्य विस्फोटक सामग्री के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। रविवार को तरनतारन पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अमृतसर स्थित अजनाला के गांव गुज्जरपुरा निवासी बलजिंदर सिंह उर्फ बिंदू और गांव खानोवल निवासी जगतार सिंह उर्फ जग्गा विस्फोटक सामग्री लेकर नौशेरा पन्नुआं इलाके में घूम रहे हैं। तत्काल पुलिस टीम को अलर्ट किया गया और दोनों को दबोच लिया गया। आरोपियों के पास से एक काले रंग का बॉक्स मिला, जिसमें आईईडी टाइमर, डेटोनेटेर, बैटरी और छर्रे बरामद हुए। इसमें करीब डेढ़ किलो आरडीएक्स था।
  • पांच मई को ही करनाल में पुलिस ने गुरुवार की सुबह चार बजे इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की सूचना पर मधुबन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे (अंबाला-दिल्ली) स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा के पास से एक इनोवा कार में चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उनसे करीब साढ़े सात किलो आईईडी (विस्फोटक सामग्री), पाकिस्तान निर्मित एक पिस्टल, मैगजीन, 31 कारतूस, छह मोबाइल फोन और 1.30 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
  • करनाल में जिन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया उनके पास से जब्त सामग्री पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरिवंदर सिंह रिंदा द्वारा भेजी गई लोकेशन पर फिरोजपुर जिले से तेलंगाना के आदिलाबाद ले जाई जा रही थी। सोमवार को ही सीमा सुरक्षा बल ने अमृतसर में हेरोइन लेकर आ रहे पाकिस्तान के एक ड्रोन को मार गिराया और नौ पैकेट बरामद किए। बीएसएफ ने ट्वीट किया, ‘‘फ्रंटियर बीएसएफ के जवानों ने पाकिस्तानी ड्रोन के माध्यम से तस्करी के एक और प्रयास को नाकाम कर दिया।
  • मोहाली में हुए धमाके बाद से बड़ा सवाल ये भी है कि इंटेलिजेंस मुख्यालय में विस्फोटक कहां से आया। अगर यह आतंकी घटना नहीं है तो पुलिस पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा होता है कि यह यहां कैसे आया।
  • इसी तरह शनिवार को शिमला विधानसभा के बाहर खालिस्तान के पोस्टर लगाए गए थे, जिसके बाद हिमाचल में सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई थी। पटियाला की घटना वाले दिन ही मलेरकोटला में जिलाधीश कार्यालय के बाहर खालिस्तान का झंडा लहराया गया था।
  • चंडीगढ़-मोहाली बार्डर के पास बुड़ैल जेल के पीछे टिफिन बम मिलने से दहशत अभी दूर नहीं हुई थी कि अब दोबारा इस तरह तरह की घटना सामने आई है। हालांकि पुलिस ने उक्त मामले के बाद एहतियात के रूप में पूरे शहर के एंट्री प्वाइंट सील कर दिए थे। साथ ही बंकर तक बनाए गए थे।
  • अब इस तरह पुलिस की इमारत को निशाना बनाकर आरोपी खुली चुनौती पेश कर रहे हैं। इससे पहले दिन में राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से नशा तस्करी व सुरक्षा को लेकर बैठक की थी।

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