Saturday, May 21, 2022
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeपब्लिक इंटरेस्टचिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ के मॉडल की भी हो रही चर्चा, मंत्री...

चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ के मॉडल की भी हो रही चर्चा, मंत्री सिंहदेव ने कहा – न्याय योजना को देशभर में लागू करने का पेश करेंगे प्रस्ताव VIDEO

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

उदयपुर। कांग्रेस के नवसंकल्प चिंतन शिविर के दौरान छत्तीसगढ़ के मॉडल की भी चर्चा हो रही है। यहां किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए वरिष्ठ मंत्री टी एस सिंहदेव ने बताया कि छत्तीसगढ़ मॉडल को देश भर में लागू करने का प्रस्ताव रखा जायेगा।

मोदी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस के चिंतन शिविर में किसानों के मुद्दों पर गठित कमेटी के संयोजक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हूडा, कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा, टीएस सिंह देव, शक्तिसिंह गोहिल, अखिलेश सिंह ने चिंतन में शामिल मुद्दों को लेकर प्रेस के सामने अपनी बात रखी। इस दौरान किसानों की कमेटी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। कमेटी ने कहाकि मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। आय तो दोगुनी नहीं हुई, लेकिन कर्जा डबल कर दिया है।

न्याय स्कीम करेंगे लागू

प्रेस ब्रीफिंग में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री टी एस सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में चलाई जा रही न्याय योजनाओं के बारे में बताया। सिंहदेव ने कहा कि न्याय योजना सोच व परिकल्पना को उतारने की पहल है। हर एक व्यक्ति को न्यूनतम वार्षिक आय हो सके। छत्तीसगढ़ में हमने इसको अपनाया है। इसे प्रस्ताव के रूप में शिविर में रखा है। कांग्रेस का वादा था कि निर्धारित कीमत मिले तो यह सुनिश्चित करेंगे। मगर केंद्र सरकार ने इस योजना को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ का चावल नहीं उठाया। आज छत्तीसगढ़ के किसान को घोषणा पत्र के मुकाबले धान की ज्यादा कीमत मिल रही है। दूसरी फसल को भी न्याय योजना जोड़ा है। राजीव गांधी भूमिहीन कृषक न्याय योजना के तहत ऐसे नागरिकों के लिए 7000 रुपए प्रतिवर्ष प्रबंधन किया है। हमने गोबर को मॉनेटाइज किया है। 2 दो रुपए किलो गोबर खरीद कर 130 करोड़ रुपए दे चुके हैं। गोबर का वर्मी कंपोस्टिंग स्वयं सहायता समूह के माध्यम से हो रहा है।

कर्ज माफ़ी से कर्जमुक्ति की ओर

इस दौरान कहा गया कि ऋण लेने के बाद किसान डिफाल्ट करता है तो उसकी जमीन नीलाम कर दी जाती है, क्रिमिनल केस चलाया जाता है। हम इसको खत्म करेंगे। ‘कर्ज माफी से पूर्ण कर्ज मुक्ति’ तक जाएंगे। एमएसपी लीगल गारंटी अनिवार्य होनी चाहिए। यह किसान यूनियनों की भी मांग है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि एमएसपी स्वामीनाथन सीटू फॉर्मूला के आधार पर होनी चाहिए। इससे कीमतों को नियंत्रण किया जा सकेगा। इसके लिए कॉस्ट ऑफ इनपुट करनी पड़ेगी। कैलकुलेशन के लिए नए फॉर्मूले बनाने होंगे।

बिजली बिल हाफ से लेकर कर्जा माफ़ तक

मंत्री टी एस सिंहदेव ने इस मौके पर बताया कि छत्तीसगढ़ में हमने बिजली बिल हाफ कर दिया है, वहीं किसानों के 800 करोड़ के कर्ज को भी माफ़ किया है। इसके अलावा इरीगेशन सेस भी किसानों को नहीं देना पड़ रहा है। जरा सुनिए, सिंहदेव ने इस दौरान न्याय योजनाओं के बारे में क्या जानकारी दी।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

R.O :- 12027/152





Most Popular