गुवाहाटी। मणिपुर में भारी बारिश ने आपदा का रूप ले लिया है। भूस्खलन से आज मरने वालों की संख्या 24 हो गई है 38 लोग लापता हैं। मरने वालों की संख्या और भी बढ़ने की आशंकाएं जताई जा रही है। राहत और बचाव दाल की ओर से बचाव का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मणिपुर के नोनी जिले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन में ज्यादा तबाही हुई है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

अधिकारियों के मुताबिक, तलाश और बचाव अभियान को तेज करने के लिए टुपुल में घटनास्थल पर बचावकर्मियों के और दलों को तैनात किया गया है। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुवाहाटी में बताया कि घटनास्थल पर सेना, असम राइफल्स, प्रादेशिक सेना, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के दल तलाश अभियान जारी रखे हुए हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि वॉल रडार का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है और सहायता के लिए एक खोजी कुत्ते को तैनात किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि अब तक प्रादेशिक सेना के 13 जवानों और पांच नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा प्रादेशिक सेना के 18 जवानों और छह नागरिकों के शव बरामद किए गए हैं।

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प्रवक्ता ने कहा कि लापता हुए प्रादेशिक सेना के 12 जवानों और 26 नागरिकों की तलाश की जा रही है। प्रवक्ता के मुताबिक, एक जूनियर कमीशंड अधिकारी सहित 14 जवानों के शव भारतीय वायुसेना के दो विमानों और सेना के एक हेलीकॉप्टर से उनके गृहनगर भेजे गए हैं। एक जवान का शव सड़क मार्ग से मणिपुर के कांगपोकपी जिले में भेजा गया है। प्रवक्ता ने बताया कि शवों को उनके गंतव्य स्थान तक भेजने से पहले इम्फाल में मृतक जवानों को पूरा सैन्य सम्मान दिया गया।

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