नई दिल्ली। भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा द्वारा पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ विवादित बयान पर उनके बचाव के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। बदमाशों ने अब तक दो लोगों की जान ले ली है। इसके अलावा देश भर के कई राज्यों में हत्या की धमकियां मिल रही है। राजस्थान की तर्ज पर बदमाशों ने बीते दिनों अमरावती में व्यवसाई उमेश कोल्हे की हत्या कर दी। जिसकी जांच राष्ट्रीय एजेंसी कर रही है। एनआईए ने अमारवती में उमेश कोल्हे की हत्या को आतंकी वारदात बताया है। एनआईए ने प्राथमिकी में कहा कि देशवासियों के एक वर्ग को आतंकित करने के मकसद से आईएसआईएस -स्टाइल में यह मर्डर किया गया।

पीड़ित के बेटे की शिकायत के आधार पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धारा 16, 18 और 20 और धारा 34, 153 (ए), 153 (बी), 120 (बी) और 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। अमरावती के फार्मासिस्ट उमेश प्रहलादराव कोल्हे को तीन बाइक सवार इस्लामवादियों ने मौत के घाट उतार दिया था, क्योंकि उसने पूर्व भाजपा नेता नुपुर शर्मा की कथित पैगंबर विरोधी टिप्पणी का समर्थन किया था। FIR में मुदस्सर अहमद, शाहरुख पठान, अब्दुल तौफीक, शोएब खान, आतिब राशिद, युसूफ खान, शाहिम अहमद और इरफान खान को अज्ञात लोगों के साथ आरोपी बनाया गया है।

See also  दरभा थाने में दर्ज FIR को NIA ने दिया छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती, जवाब के लिए मांगा एक सप्ताह का समय

धर्म के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देने की कोशिश’

एनआईए की एफआईआर के मुताबिक, मृतक उमेश कोल्हे की निर्मम हत्या आरोपियों और अन्य लोगों की एक बड़ी साजिश थी, जिन्होंने भारत के लोगों के एक वर्ग के बीच आतंक फैलाने की कोशिश की। साथ ही धर्म के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देना इसका मकसद था। इस वारदात को 21 जून की रात 10:00 से 10:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया। मालूम हो कि एनआईए ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस आदेश के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें नोडल संघीय जांच एजेंसी को मामले की जांच के लिए कहा गया था।

पुलिस ने लूट के मकसद से कई गई हत्या बताया

अमरावती पुलिस ने इस वारदात को लूट के मकसद से कई गई हत्या का मामला दर्ज किया था। एनआईए की प्राथमिकी यह साफ करती है कि पीड़ित के शॉप से कुछ भी चोरी नहीं हुआ था। ऐसे में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार के तहत राज्य की पुलिस पर गंभीर सवाल उठते हैं। तथ्य यह है कि राज्य पुलिस के डीजीपी ने पूछने के बावजूद घटना के बारे में केंद्र को कोई रिपोर्ट नहीं भेजी, बल्कि एनआईए की ओर से मामले को उठाने का इंतजार किया।

See also  Quack Doctor : झोलाछाप डॉक्टर हिरासत में, गलत इंजेक्शन से बुजुर्ग की हो गई थी मौत, परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस आयी हरकत में

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर