नई दिल्ली। Monsoon Session 2022: Now pamphlets and placards are also banned in Parliament! लोकसभा सचिवालय ने मानसून सत्र के दौरान सदन में किसी भी तरह के पर्चे और तख्तियों के वितरण पर रोक लगाते हुए एडवाइजरी जारी की है।

Monsoon Session 2022: Now pamphlets and placards are also banned in Parliament! 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के पहले असंसदीय शब्दों की नई सूची, फिर संसद परिसर में धरने प्रदर्शन पर रोक और अब लोकसभा में पर्चे, पोस्टर व तख्तियों पर पाबंदी की एडवाइजरी जारी की गई है।

Monsoon Session 2022: Now pamphlets and placards are also banned in Parliament! इससे पहले शुक्रवार को संसद परिसर में धरने और प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी थी, जबकि सदस्य बापू की प्रतिमा के समक्ष अक्सर जमा होकर प्रदर्शन करते नजर आते थे।

इससे पहले गुरुवार को दोनों सदनों में असंसदीय माने जाने वाले शब्दों की नई सूची जारी की गई थी। इन्हें लेकर विपक्षी नेताओं की नाराजगी और बढ़ गई है।

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विफल होगी लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश: येचुरी

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘क्या तमाशा है। भारत की आत्मा, उसके लोकतंत्र और उसकी आवाज का गला घोंटने की कोशिश विफल हो जाएगी।’

संसद परिसर में धरना प्रदर्शन पर बैन की सूचना कल सबसे पहले कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने दी थी। उन्होंने इसकी आलोचना करते हुए तंज किया था कि ‘विश्वगुरु का एक और काम, धरना मना है।’

क्या है सदन की परंपरा

संसद की परंपरा के अनुसार कोई भी प्रकाशित सामग्री, प्रश्नावली, पर्चे, तख्तियां, बैनर आदि स्पीकर की पूर्व अनुमति के बिना सदन में वितरित नहीं किए जा सकते हैं। ये प्रतिबंधित हैं। वहीं, असंसदीय शब्दों की नई सूची में ‘भ्रष्टाचार’, ‘भ्रष्ट’, ‘जुमलाजीवी’, ‘तानाशाह’ जैसे कई शब्दों शामिल किया गया है।