0 आमदनी से ज़्यादा खर्च और बुक में डिफ़रेंस कच्चे में सौदा बना रेड की वजह

0 नकदी और टैक्स चोरी का स्क्रूटनी के बाद होगा खुलासा

रायपुर। विशेष संवादाता /टीआरपी
छत्तीसगढ़ के आधा दर्जन लोहा कारोबारियों से संबंधित सभी संस्थानों पर अलसुबह आईटी की सेन्ट्रल टीम ने संयुक्त कार्रवाई की है। रायपुर, महासमुंद, खरोरा, रायगढ़ समेत सभी यूनिट, फैक्ट्रियां, सिटी ऑफिस और सभी डायरेक्टरों के घरों को भी जाँच के घेरे में लिया गया है। कार्रवाई के 8 घंटे बाद भी अबतक सभी प्रीमाइसेस में कर अपवंचन सम्बन्धी दस्तावेज़ बड़ी तादाद में जाँच टीम ने बरामद किया है। जिसमे प्रोडक्शन, सेल और इंकम से जुड़े कच्चे-पक्के बिल भी शामिल हैं। लेन-देन और स्टॉक की भी जांच करने के बाद कारोबारियों के ऑफिस से सीपीयू और हार्ड डिस्क भी अपने कब्जे में आईटी टीम ने लिया है। जानकारी के मुताबिक बड़े लोहा करोबारी निर्माण ग्रुप के कई ठिकानों पर 8 घंटे बाद तक लूज़ पेपर, कैश और कर अपवंचन संबंधी सबूतों को तरतीब से लिस्टअप करने में जाँच अधिकारी मसरूफ थे।

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40 गाड़ियों में 100 से ज़्यादा अफसर रेड में हुए शामिल

विभागिय सूत्रों के अनुसार कोलकाता रीजन से पहुंची आयकर अफसरों की टीम का साथ मध्यप्रदेश और लोकल यानि कि छत्तीसगढ़ रीजन के अफसर कर्मचारी भी शामिल है। जांच घेरे में शामिल 10 ठिकानों पर दस जांच टीम बनाकर अंकित चौधरी, रमेश चौधरी एवं इनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की फर्म सबसे ज्यादा है। राईस मिल से लेकर मशरूम प्लांट और लोहे का बड़ा काम है। इसलिए इनके यहां जांच टीम का आधा बल कर चोरी के सबूत जुटाने में लगा हुआ है। महासमुंद के रस्ते और एमपी की टीम भिलाई के रस्ते से रायपुर आयकर कार्यालय पहुंची और लोकल टीम के साथ 40 गाड़ियों में 100 अफसर-कर्मियों का बल अपने काम में लगा रहा। जॉइंट डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन ऑफिस में सेंटर बनाया गया है। रायगढ़ कोरबा भी आईटी की जाँच घेरे में है।

ऐसे आए आईटी और ईडी की नज़र में

ग्रेवेटी फेरोस के पार्टनर धीरज सुराना पचपेढ़ी नाका रायपुर के घर, सुनील अग्रवाल, विकास अग्रवाल का घर अनुपम नगर व विरेन्द्र सुराना का खम्हारडीह मारुती सॉलिटियर के घर में छापे की करवाई हुई हैं। भवानी मौल्डर्स भी सुनील और विकास अग्रवाल का ही है। मारुती फेरोस सिलतरा में है इसके डायरेक्टर खेतान हैं। जबकि नूतन इस्पात विधानसभा रोड में है इसका ऑफिस फरिश्ता अपार्टमेंट में है। विभागि सूत्रों की मानें तो आईटी और अब ईडी की जाँच घेरे में इनके आने की दो अहम् वजह है। वहीँ निर्माण ग्रुप का अधिकांश लेनदेन कच्चे में होना बता रहे है। बुक में डिफ़रेंस से करअपवंचन मिलने के बाद ही निर्माण ग्रुप की मुसीबत बढ़ेगी।

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आईटी के घेरे में ये फर्म

0 निर्माण टीएमटी के 4 डायरेक्टर और इनकी कंसर्न कम्पनी मशरूम प्लांट व राईस मिल
0 पारले बिस्किट का रायपुर स्थित प्लांट
0 ग्रैविटी फेरोस 252/09 कन्हेरा रोड अछोली धरसींवा
0 मारुती फेरोस धरसींवा
0 घनकुन स्टील सिलतरा फेस टू
0 एच.एस.आर रेरोलर उरला इंडस्ट्रियल एरिया
0 नूतन इस्पात फरिश्ता कॉम्प्लैक्स फोर्थ फ्लोर