कौशल्या-राम दर्शन के नाम पर सियासत ख़त्म, सुरक्षा के मद्देनज़र मिडिया को बहार ही रोक दिया गया था

विशेष संवादाता, रायपुर। प्रदेश में सत्ता पक्ष का लगातार आरएसएस प्रमुख को माता कौशल्या धाम मंदिर के दर्शन का सियासी न्यौता मुद्दा बना हुआ था। मुख्यमंत्री ने मौखिक तौर पर आरएसएस प्रमुख को प्रदेश में गाय , गौठान और राम की माता कौशल्या धाम मंदिर दर्शन के लिए आमंत्रित किया था।

लेकिन आरएसएस और बीजेपी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया था। बाईट दिन आरएसएस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिडिया ने जब दर्शन की सियासत पर सवाल किया तो संघ कार्वाहक श्री वैद ने कहा लिखित आमंत्रण नहीं मिला है और इस सम्बन्ध में विचार नहीं किया गया है। तब सीएम भूपेश बघेल ने कहा था लिखित में भी निमंत्रण दे देते हैं और उन्होंने कल शाम काे रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश दुबे दो पृष्ठों को लिखित निमंत्रण पत्र लेकर माना स्थित जैनम मानस भवन पहुंच गए। यहां RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक चल रही है।

वहां मोहन भागवत तो उनसे नहीं मिले। संगठन के एक पदाधिकारी ने उनसे निमंत्रण पत्र ग्रहण किया। अब गेंद आरएसएस के पाले में थी सो संघ प्रमुख भी दलबल के साथ पहले कौशल्या माता मंदिर गए फिर राम मंदिर के दर्शन किये और भागवत मिडिया से कुछ कहे बिना ही रावना हो गए।

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