चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार मामला जर्मनी से जुड़ा हुआ है। दरअसर जर्मनी में उन्हें एक जहाज से नीचे उतार दिया गया। जिसके बाद से पंजाब की सियासत गर्मा गई है।

इसे लेकर पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप बाजवा ने सोमवार को जालंधर में दावा किया कि भगवंत मान की हालत ऐसी थी कि वह जहाज में बैठने लायक नहीं थे। यही वजह है कि उन्हें उतारा दिया गया है। साथ ही जहाज से भगवंत मान का सामान भी निकाल दिया गया।

हालांकि, आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को प्लेन से उतारे जाने की खबरों का खंडन किया है। बता दें कि यह दावा शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने किया है। उन्होंने ट्वीट के सीएम भगवंत मान को लुफ्थांसा एयरलाइंस से उतार दिया गया था।

सुखबीर के मुताबिक, एयरलाइंस ने ये कदम इसलिए उठाया क्यों कि सीएम मान ने इतनी शराब पी रखी थी कि वे खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। हालांकि, बादल ने ये दावा मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से किया।

यह पहला मौका नहीं है जब भगवंत मान ज्यादा शराब पीने की वजह से विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे शराब के नशे में पंजाब में कैंपेन करते दिखाई दिए थे।

इतना ही नहीं, बादल ने आगे लिखा, चौंकाने वाली बात ये है कि पंजाब की सरकार मुख्यमंत्री को लेकर इस तरह की रिपोर्ट पर शांत है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल को सफाई देनी चाहिए। भारत सरकार को कदम उठाना चाहिए क्योंकि इसमें पंजाबी और राष्ट्रीय गौरव शामिल हैं। यदि उन्हें विमान से उतारा गया था, तो भारत सरकार को अपने जर्मन समकक्ष के साथ इस मुद्दे को उठाना चाहिए।