रायपुर। मुझे इस बात का दुःख है कि मेरी ही कलम से मेरे छोटे भाई धर्मजीत का निष्कासन हुआ। यह कहना है जनता कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रेणु जोगी का जिन्होंने आज विधायक धर्मजीत के मामले में प्रेसकॉफ्रेंस ली। उन्होंने कहा कि धर्मजीत मेरे छोटा भाई है। मुझे इस बात का बेहद दुख है कि मेरी ही कलम से उनके निष्कासन पर दस्तखत हुए।

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के विधायक अजीत जोगी के सपने को खत्म करने की साजिश रच रहे थे। भाजपा के ऑपरेशन लोटस के जरिए जनता कांग्रेस को समाप्त करने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा क्षेत्रिय दलों को खत्म करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक दलीय व्यवस्था चाहती है। इसलिए जनता दल यू और शिवसेना के साथ जो किया वही हमारी पार्टी के साथ भी करने की तैयारी थी।

इसकी पटकथा रायपुर से लेकर दिल्ली तक लिखी गई। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से हमारे दो विधायकों ने मुलाकात की। दोनों विधायक दिल्ली भी गए तो मुझसे मिलना तक मुनासिब नहीं समझा जबकि मैं दिल्ली में ही बीमार थी और मेरा उपचार जारी थी।

डॉ. रेणु जोगी ने पार्टी के निष्काशित विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस दौरान उनकी भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी से भी मुलाकात हुई है। जो कि अजित जोगी की विचारधारा के विरुद्ध जा कर पार्टी का जबरन विलय का षडयंत्र था। यह कदम
अजित जोगी के सापने और छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला था।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे अपने छोटे भाई धर्मजीत को पार्टी से निकालने का फैसला भारी मन से लेना पड़ा। मेरे जीवित रहते मैं अपनी पार्टी को भाजपा में विलय नही करूंगी। मेरे पास पार्टी को बचाए रखने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था।

अमित के संस्कारों पर धर्मजीत द्वारा उठाए गए सवालों पर डॉ. जोगी ने कहा कि मेरे और जोगी जी के लिए वो श्रवण कुमार से कम नही हैं। सेवा करने के भाव के साथ हमेशा उसने अपने बड़े बुजुर्गों का सम्मान किया है।

विधायक धर्मजीत द्वारा उनकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप अमित जोगी पर लगाया गया। इस बारे में अमित जोगी ने कहा कि उनकी बात धर्मजीत सिंह की पत्नी से नहीं पत्नी के फोन से धर्मजीत से बात हुई। धर्मजीत सिंह की पत्नी मेरे लिए मातृ तुल्य हैं। मेरी उनकी धर्म पत्नी से कोई बात ही नही हुई। इतना ही नहीं राजनीति के आरोपों पर अमित जोगी ने कहा कि ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दें।