चुनाव में गड़बड़ी रोकने के लिए पहली बार हो रहा क्यूआर कोड का इस्तेमाल
 शिमला।  हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान की सही  टाइम मानिटरिंग की जाएगी जिससे पहली बार क्यूआर कोड के जरिये मतदाताओं की पहचान होगी। सहायक चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग ने आज यहां बताया कि विधानसभा क्षेत्र के बूथों पर क्यूआर कोड से मतदाताओं की पहचान होगी। वोटर स्लिप को स्कैन किया जाएगा। इससे मतदान प्रतिशतता का भी सही पता चलेगा।

फर्जी मतदान जैसे मामलों को रोकने में भी मद्द मिलेगी। प्रदेश के कांगड़ा, शिमला, मंडी और हमीरपुर में एक-एक विधानसभा क्षेत्र में यह प्रक्रिया होगी। फर्जी वोटिंग या अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने पहल की है। मतदाता जैसे ही वोटर पर्ची लेकर बूथ पर जाएगा वहां मतदान अधिकारी एप के माध्यम से उसकी वोटर स्लिप स्कैन करेगा। स्कैन करते ही मतदाता की पूरी जानकारी पोलिंग स्टाफ के सामने होगी। इसी से वह मतदाता की उपस्थिति माकर् कर सकेगा। इससे चुनाव करवाने वाले अधिकारियों को मतदाता की पहचान स्थापित करने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने में मद्द मिलेगी।

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इससे रीयल टाइम वोटिंग प्रतिशत व बूथ पर हुई वोटिंग का भी पता चल सकेगा। इसके इलावा इंटरनेट सुविधा न होने पर भी यह एप काम करेगी। अगर कोई मतदाता उपस्थिति दर्ज करने के बाद भी मतदान से मना कर देता है तब भी ऐसे मामले को दर्ज किया जा सकता है। मंडी सदर के अलावा हमीरपुर जिले के हमीरपुर, कांगड़ा जिले के धर्मशाला और शिमला जिले के शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र में क्यूआर कोड वोटर स्लिप का उपयोग होगा।