रायपुर : छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षा सत्र 2023 में स्कूली किताबें नहीं बदली जाएगी। लेकिन इन किताबों में कुछ नए चैप्टर शामिल किए जा रहे हैं। पहली से दसवीं तक की किताबो में अब सड़क सुरक्षा से संबंधित पाठ को शामिल किया जायेगा। जिससे छात्रों को सड़क सुरक्षा के बारे में तमाम जानकारी प्राप्त हो सके।

सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि छात्र अब 28 की जगह 33 जिलों के बारे में पड़ेंगे। बता दे की प्रदेश में इस साल बने 5 नए जिले के साथ नया मानचित्र किताबों में छापा जायेगा। नए शिक्षा सत्र के लिए किताबें छापने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से पाठ्य पुस्तक निगम को भेजा गया है। जिसके अनुसार ही किताबों की छपाई होगी।

बदलाव की प्रक्रिया लंबी इसलिए पार्ट पुरानी

अगले साल भी पहली से बारहवीं तक के छात्र पुराना पाठ ही पड़ेंगे। नई शिक्षा नीति के अनुसार अभी पूरी किताबें नहीं बदलेगी अफसरों का कहना है कि भारत सरकार ने अभी नेशनल कॅरिकुलम फ्रेमवर्क जारी नहीं किया है। यह आने के बाद राज्य में स्टेट कॅरिकुलम फ्रेमवर्क बनेगा। इसके अनुसार किताबें लिखी जाएगी। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगेगा। इसीलिए छात्रो को संशोधन के साथ अगले सत्र में पुराना पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जायेगा। अगले कुछ महीने में एनसीएफ आता है तो 2024 में नई शिक्षा के अनुसार किताबे आ सकती है।

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स्कूली किताबों में पहले 28 जिलों का मानचित्र

स्कूली किताबों में पर्यावरण अध्ययन सामाजिक विज्ञान की किताबों में आमतौर पर जिलों के मानचित्र रहते हैं। पहले यह मानचित्र 28 जिलों के आधार पर थे अब इसे बढ़ाकर 33 जिले कर दिए गए हैं। इसलिए नए जिले पर आधारित मानचित्र किताबों में रहेंगे। अफसरों का कहना है कि स्कूली किताबों में हर बार जरूरत के अनुसार पार्ट संशोधित किए जाते हैं। अभी नए जिले बने हैं इनकी जानकारी सामने आ गई है। इसलिए अगले सत्र से किताबों में नए जिलों की जानकारी दी जा रही है।

अफसरों का कहना है कि इस बार किताबों में जो चैप्टर संशोधित होंगे उसकी लिस्ट भी पाठ्य पुस्तक निगम को भेजी गई है। राज्य की सीजी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा में 50 हजार से अधिक छात्र है। इनके लिए एनसीईआरटी के दिशा-निर्देश के अनुसार किताबें तैयार की जाती है। सभी सरकारी व सीजी बोर्ड से जुड़े निजी स्कूलों में किताबें निशुल्क दी जा रही है। पिछली बार करीब पौने तीन करोड़ किताब तैयार की गई थी। इस वर्ष इंग्लिश मीडियम और नए स्कूल बनने की वजह से किताबों की संख्या भी ज्यादा हो गई है।

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