नई दिल्ली । पाल्यूशन के चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता स्तरहीन व जहरीली हो गई है। जिसके नियंत्रण लिए संशोधित जीआरएपी के संचालन के लिए उप-समिति ने दिल्ली और एनसीआर में जीआरएपी के चरण-3 के तहत परिकल्पित सभी कार्रवाइयों की समीक्षा की। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने तत्काल प्रभाव से दिल्ली में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल एलएमवी के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है।

वाहन पर प्रतिबंध 9 दिसंबर तक या जीआरएपी चरण में संशोधन में जो भी पहले हो, तक जारी रहेगा।
परिवहन विभाग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि जीआरएपी-3 के तहत निर्देशों के अनुसार, दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने दिल्ली के एनसीटी में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल एलएमवी  को तत्काल प्रभाव से 9 दिसंबर तक या जीआरएपी चरण में संशोधन, जो भी पहले हो, तक प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है।


हालांकि, आपातकालीन सेवाओं, सरकारी और चुनाव कार्य में लगे वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
परिवहन विभाग ने कहा कि अगर कोई बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल एलएमवी सड़कों पर चलता पाया जाता है, तो मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, जिसमें 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।

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सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च के मुताबिक, शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 337 दर्ज किया गया जो बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। पर्यावरण में पीएम 2.5 और पीएम 10 दोनों की सांद्रता क्रमश: बहुत खराब और खराब श्रेणी के तहत क्रमश: 337 और 196 दर्ज की गई।

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