Negligence Exposed In Public School- वार्षिकोत्सव की तैयारी चल रही थी और हो गई छात्रा की मौत
Negligence Exposed In Public School- वार्षिकोत्सव की तैयारी चल रही थी और हो गई छात्रा की मौत

विशेष संवादाता, रायपुर

राजधानी के एक बड़े पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव की तैयारी चल रही थी और एक छात्रा की मृत्यु हो गई। छात्रा की तबीयत मंगलवार को खराब हुई थी और एक बड़े अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बच्ची आज सुबह ब्रेनडेड लाई गई थी। सूत्रों का दवा है कि खबर दबाई गई या फिर वार्षिकोत्सव की तैयारियों में व्यस्ततता की वजह से कोताही हुई। इस हादसे के बाद से परिजनों में आक्रोश है।

जानकारी के मुताबिक इस पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव 21-22-23 दिसंबर को निर्धारित है। इसमें शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं की रिहर्सल एक दिसंबर से शुरू हो चुकी है। मंगलवार को आठवीं क्लास की यह छात्रा दोपहर भोजन के बाद 1.20 से प्रैक्टिस के लिए गई थी छात्रा नृत्य में पार्टीसिपेट कर रही है। आठवीं कक्षा में अघ्ययनरत यह छात्रा हास्टलर है।

प्रैक्टिस शुरू होने के एक घंटे के बाद बच्ची की तबीयत खराब होने लगी। उसे स्कूल मे ही प्राथमिक उपचार दिया गया। इस संबंध में दो तरह की बातें सामने आ रही हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि छात्रा को बुधवार सुबह लाया गया, वह भी ब्राटडेड। दूसरी यह कि बच्ची को देर रात एडमिट कराया गया था। इलाज मिलने में देरी के कारण उसकी मौत हो गयी। इस तरह से स्कूल प्रबंधन की लापरवाही दिखाई देती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्ची के शव को परिजन ले गए हैं। इस मामले की स्कूल स्टाफ और अभिभावकों में चर्चा आम हो गयी है। उनका कहना है कि बच्ची के इलाज में देरी की गई।

दबाव ऐसा, हॉस्टल बोर्डिंग करे या टीसी ले जाए

दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन के एक नोटिस से अभिभावक भी आक्रोशित है। स्कूल से जारी इस नोटिस में कहा गया है कि 2016 के बाद प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को हॉस्टल बोर्डिंग करना होगा। खासकर वे बच्चे जो सत्र 23-24 में छठवीं जाएगें। स्कूल में छठवीं की कूल 6 कक्षाएं । यानी एफ-ग्रुप है। अभिभावकों को इस पर अपनी सहमती 10 दिसंबर तक देनी है। नहीं देने पर 11 दिसंबर से टीसी जारी किए जाएंगे। इस आदेश के मुताबिक जिन बच्चों के अभिभावक रायपुर मे रहते हैं। उन बच्चों को भी बोर्डिंग अनिवार्य किया गया है। यदि एक घर से दो बच्चे हैं तो दोनों को बोर्डिंग लेना होगा। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधक,कोरोनाकाल में हुई आर्थिक क्षति की भरपाई के लिए यह तरीका अपनाया है।