नई दिल्ली : संसद में बजट की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अगले 3 सालों में एकलव्य स्कूलों में 38800 शिक्षकों और सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। एकलव्य मॉडल स्कूलों के लिए बजट 2022-23 के दो हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 5943 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं देश में राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। इतना ही नहीं शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। जिसके तहत उनके प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे।

Budget 2023 : डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना
बच्चों और किशोरों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी को पंचायत और वार्ड लेवल तक खोला जाएगा। इसमें उम्र के हिसाब से किताबें मिलेंगी और प्रदेशिक और अंग्रेजी भाषा में पुस्तकें मिलेंगी। राज्य और उनके लिए प्रत्यक्ष पुस्तकालय बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

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केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट घोषणा में कहा कि अगले 3 वर्षों में, सरकार आदिवासी छात्रों को समर्थन देने वाले 740 एकलव्य मॉडल स्कूलों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों को नियुक्त करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ कोलोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। वहीं, राज्य सरकारों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक पुस्तकालय खोलने की दिशा में काम किया जाएगा।

Budget 2023 भाषण में शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार से जुड़ी प्रमुख बातें –

-अगले तीन साल में 47 लाख युवाओं को राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना यानी नेशनल अप्रेंटिस स्कीम का लाभ मिलेगा।

-लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को स्किल सुधारने का मौका मिलेगा। इसके तहत कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी योजना का एलान किया गया है।

-आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के तीन उत्कृष्टता केंद्र यानी सेंटर ऑफ इंटेलीजेंस देश के बड़े विश्वविद्यालयों में खोले जाएंगे।
मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार 60,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

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-बजट में राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की गई है।

-डिजिटल लाइब्रेरी के लिए एनबीटी यानी राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से किताबें मुहैया कराई जाएंगी।

-राज्य सरकारों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक पुस्तकालय खोलने की दिशा में काम किया जाएगा।

-जिला स्तर पर शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।

-बजट में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

-मेडिकल कॉलेजों को रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग के लिए तैयार किया जाएगा।

-साक्षरता के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

-फार्मा सेक्टर में रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नई रिसर्च योजना का एलान किया गया है।

-एकलव्य मॉडल रेजीडेंशियल स्कूलों के लिए बजट 2022-23 के दो हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 5943 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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