NETAM CONGRESS

रायपुर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने AICC की नोटिस पर कहा है कि पार्टी के लोग इतने दिनों तक सोते रहे क्या ? भानुप्रतापपुर विधानसभा चुनाव को बीते काफी समय हो गया है, अगर उस समय उन्होंने पार्टी के खिलाफ कार्य किया, तब ही उन्हें नोटिस जारी करना चाहिए था।

नोटिस देखने के बाद ही कुछ कहेंगे…

गौरतलब है कि अरविंद नेताम ने पिछली बार TRP न्यूज़ से चर्चा में कहा था कि दो साल पहले सीएम भूपेश बघेल ने एक बयान में उन्हें रिटायर होने की सलाह दी थी, जिसे मानते हुए वे रिटायर हो गए। इतने समय बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया है, वे फ़िलहाल गांव में हैं। इस सवाल पर कि क्या पार्टी के आमंत्रण पर वे दोबारा कांग्रेस के लिए काम करेंगे ? उन्होंने कहा कि जिस तरह कैरम के खेल में “REBOUND” मारते हैं, उसी तरह वे भी पार्टी में “REBOUND” कर सकते हैं, लेकिन वे कुछ भी फैसला करने से पहले AICC की नोटिस की शब्दावली को पढ़ना चाहेंगे। इसके बाद ही वे कोई बयान देने की स्थिति में होंगे।

See also  कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित करना कांग्रेस जिलाध्यक्ष को पड़ा महंगा, PCC अध्यक्ष ने जारी कर दिया नोटिस, आदेश को निरस्त करने को कहा

आदिवासी समाज के प्रमुख नेता अरविंद नेताम कांकेर से पांच बार के सांसद और केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। नेताम और अन्य नेताओं ने भानुप्रतापपुर विधानसभा के उपचुनाव में पार्टी से अलग हटकर सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी अकबर राम कोर्राम को चुनाव मैदान में उतारा, इस चुनाव में कोर्राम को अच्छे वोट भी मिले। इससे उत्साहित आदिवासी समाज आने वाले विधानसभा आम चुनाव में सर्वआदिवासी समाज के बैनर तले आदिवासी बाहुल्य सीट पर उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहे हैं।

AICC की स्वागत समिति में नेताम का नाम

अरविंद नेताम का कहना है कि वे कांग्रेस पार्टी से रिटायर होने संबंधी बयान कई बार दे चुके हैं, इसके बाद भी उन्हें AICC अधिवेशन की स्वागत समिति में रखा गया, हमने तो कभी नहीं कहा था कि उन्हें कोई जिम्मेदारी दी जाए। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने उन्हें नोटिस दे दिया है, तो अधिवेशन में कैसे जाएंगे।

See also  रायपुर जंक्शन के आरक्षण कार्यालय में लगी आग से पुराने दस्तावेज जलकर खाक़

कांग्रेस के कई बड़े नेता मानते हैं कि अरविन्द नेताम के अलग होने से पार्टी को नुकसान होगा, इस आशंका के चलते वे उन्हें पार्टी से अलग नहीं करने के पक्ष में है। हालांकि पार्टी की प्रदेश प्रभारी शैलजा की नेताम से चर्चा भी हुई थी। इन सबके बीच उन्हें नोटिस क्यों भेजा गया, राजनैतिक समीक्षक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं। बहरहाल नेताम के पार्टी में “REBOUND” मारने संबंधी बयान के बाद पार्टी के आला नेताओं का क्या रुख होगा, इस पर भी सभी की नजर होगी।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर