भुवनेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपद्री मुर्मू ने कहा है कि महिला सशक्तिकरण अब नारा नहीं रहा बल्कि यह काफी हद तक एक वास्तविकता बन गया है। मुर्मू ने रमा देवी महिला विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते कहा कि लड़कियां न केवल लड़कों के बराबर हैं, बल्कि कुछ क्षेत्रों में वे लड़कों से भी आगे हैं।
राष्ट्रपति ने अपने दिनों को याद किया जबब एक छात्र के रूप में अपनी स्कूली शिक्षा को पूरा करने के बाद चार साल इस विश्वविद्यालय में अध्ययन कर बिताए थे। उन्होंने कहा कि उस समय के शिक्षकों का प्यार और स्नेह अविस्मरणीय था और वह अभी भी उस समय के कई सहपाठियों के संपर्क में हैं।

यह महान शिक्षण संस्थान उनके जीवन में हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है।उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यह खुशी की बात है कि पंचायत से लेकर संसद तक सभी लोकतांत्रिक संस्थानों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है। यह हमारे लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि है कि पहली बार महिला सांसदों की संख्या 100 के पार हो गई है जो हमारे लोकतंत्र के भविष्य के लिए शुभ संकेत है।राष्ट्रपति ने छात्रों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने की सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का लक्ष्य अगले 25 वर्षों में एक विकसित राष्ट्र बनना है।

See also  BIG BREAKING : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का तय हुआ पहला छत्तीसगढ़ दौरा, दो दिनों का रहेगा कार्यक्रम