नई दिल्ली। कोरोना के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक पर्यटन उद्योग को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा था। पर्यटकों की आवाजाही बंद थी और रोजगार बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर देश विदेशी पर्यटकों से गुलजार होने लगा है। एक अनुमान के मुताबिक, एक साल का अंतराल बताता है कि पर्यटन क्षेत्र में बढ़ोतरी तीन सौ फीसद से अधिक तक हुई है। केंद्र सरकार की वर्ष 2022 रिपोर्ट में यह स्थिति सामने आई है और यह रिपोर्ट हाल ही में भारत सरकार ने संसद में पेश की है। रिपोर्ट बताती है कि विदेश से आने वाले मेहमानों के लिए साल के सबसे पसंदीदा तीन ठिकाने पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र रहे हैं।

रिपोर्ट में बीते तीन साल की स्थिति का हवाला केंद्र सरकार ने दिया है। इसके मुताबिक देश में विदेशी पर्यटक यात्रा (एएफटी) वर्ष 2020 में विदेशी पर्यटक 2.74 लाख थे, जो कि वर्ष 2021 में घटकर 1.52 लाख हो गए थे। लेकिन कोरोनाकाल के बाद इन यात्रियों की भारत आने की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2022 में इन पर्यटकों की संख्या 6.19 लाख हुई है। रिपोर्ट बताती है कि 2021 की 2022 तुलना में एएफटी में 305.40 फीसद का इजाफा हुआ है। हालांकि मंत्रालय यह रिपोर्ट पर्यटन यात्रा पर जाने के स्थान के आधार पर तैयार नहीं करता।

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2021 में देश में सबसे अधिक एएफटी वाले राज्य पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र रहे हैं। इस दौरान दिल्ली में में 100178, महाराष्ट्र 185643 और पंजाब में 308135 पर्यटक पहुंचे थे। देश के 37 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में यह आंकड़ा कुल 10,54,642 था जबकि 2019 में यह आंकड़ा 31,408,666 और 2020 में 71, 71,769 था।
पर्यटन मंत्रालय की सिफारिश पर नागर विमानन मंत्रालय ने उड़ान योजना के तहत 59 पर्यटन रूट सौंपे हैं, जिनसें से 51 रूट पर यह सुविधा शुरू भी हो गई है। इसी प्रकार पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए 1001 से 7500 रुपए प्रति कमरा वाले होटल का जीएसटी घटाया गया है और इसके लिए जीएसटी की दर 12 फीसद रखी गई है।