जीवन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सुख व आध्यात्मिक प्रगति के लिए योग महत्वपूर्ण है। योग से बीमारियों को दूरकर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। योग से नैतिकता का विकास होता है और शाश्वत मूल्यों को विकसित किया जा सकता है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ योग शिक्षक संघ के द्वारा के तत्वावधान में अठारहवें सत्र के ऑनलाइन संघ योगाभ्यास कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शिव कुमार साहू, प्राकृतिक चिकित्सक एवं योग प्रशिक्षक, योग प्लाजा, रायपुर ने स्फूर्तिदायक योगाभ्यास एवं सात्विक भोजन विषय पर योगाभ्यास सत्र लिया। बता दें कि हफ्ते में तीन दिन योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। जिसमें मानव शरीर से जुड़े तमाम जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

शिव कुमार साहू ने इस सत्र में कहा कि आधुनिक रहन-सहन के कारण आज लोगो का शरीर पहले की तरह फुर्तीला और चुस्त नही रह गया है लेकिन कुछ विशेष आसनों के अभ्यास से शरीर को पहले की ही तरह फुर्तीला और चुस्त बनाया जा सकता है और उसका अनुभव भी किया जा सकता है। इसके लिए आपने कंधे, गर्दन व रीढ़ में खिंचाव उतपन्न करने वाले आसन, स्पाइन की ट्विस्टिंग, मार्जरी आसन, हृदय को मजबूती प्रदान करने के लिए एंकल स्ट्रेचिंग करवाया। साथ ही पर्वत-भुजंगासन, शशांक-भुजंगासन, हनुमान दंड एवं ध्रुत हलासन का अभ्यास स्फूर्तिदायक आसनों की श्रेणी में कराया। सात्विक आहार को बताते हुए कहा कि रात्रि के रखे भोजन, सब्जी इत्यादि को सुबह नही खाना चाहिए। सब्जियों को खरीदकर फ्रीज में रखें रहना भी शरीर के लिए नुकसानदायक है। पैकेट दूध का उपयोग करने से बचना चाहिए क्योंकि यह धीमा जहर का काम करता है। सात्विक आहार न सिर्फ शरीर को सात्विक बनाता है बल्कि परिवार और पूरे समाज को सात्विक बनाता है।

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इस सत्र पर संघ अध्यक्ष अनिल चन्द्राकर ने हार्दिक आभार व्यक्त किया। महासचिव खोमेश साहू (यू.जी.सी.-एस.आर.एफ) ने मुख्य वक्ता का पुष्पगुच्छरूपी शब्दों से स्वागत कर भूमिका प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज के इस भौतिकतावादी युग में योगाभ्यास को रोजमर्रा के शैली मे नियमित आधा घण्टा जोड़ पाना भी लोगो के लिए सरल नही हो पा रहा है ऐसे में प्रतिदिन योगाभ्यास को रुचिकर बनाये रखने के लिए स्फूर्तिदायक आसनों को जानने व जीवन मे अपनाने की महती आवश्यकता है। मोनिका सिन्हा ने मुख्य वक्ता का जीवन परिचय प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिव लगभग 10 वर्षों से योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े हुए है और कोविड काल का समय हो या अन्य विषम परिस्थिति हो लोगो को योग के माध्यम से स्वस्थ बनाएं रखने के लिए निरन्तर सेवारत है।

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