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विशेष संवादाता

रायपुर। नगरीय प्रशासन और नगर निगम अपने बकायादारों के साथ एक से मां और दूसरे से मौसी जैसा आचरण कर रहे हैं। आम जनता से सम्पत्तिकर, उस पर चक्रवृद्धि ब्याज से लेकर जुर्माना तक वसूलने के लिए पेनल्टी के साथ प्रॉपर्टी टैक्स‌ जमा करने की तारीख अब बढाकर 15 अप्रैल कर दिया है। आसान शब्दों में कहें तो आम नागरिकों से संपत्तिकर में ब्याज और जुर्माना वसूलने के लिए 31 मार्च की बजाये 15 अप्रेल तक का समय है। जबकि इसके उलट उद्योगों को सम्मप्ति कर से भार मुक्त किया जा रहा है।

उद्योगपतियों को इसमें रियायत और मुर्रवत के लिए मंत्रालय से आदेश भी जारी कर दिया गया है, लेकिन आम जनता से टैक्स, फाइन लेने के लिए निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी 10 जोन के 70 वार्ड में सख्ती करने का निर्देश दिए हैं। मेयर एजाज ढेबर ने नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया को पत्र लिखकर बकाया वसूली के लिए वक्त मांगा था। इसके बाद मंत्री ने 15 अप्रैल तक विशेष छूट देने के निर्देश दिये है।

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इधर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोन कमिश्नरों, समस्त सहायक राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों, सहायक राजस्व निरीक्षकों, मोहरिर्रो सहित सम्पूर्ण राजस्व विभाग अमले को छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के निर्देश का पालन सुनिश्चित करते हुए रायपुर नगर पालिक निगम के सभी बड़े बकायादारों से पूरी बकाया राशि की नियमानुसार सख्ती से वसूली करने नगर निगम के सभी 10 जोन और 70 वार्डों में नगर निगम के हित में सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखकर अभियान तेज करने के निर्देश दिये हैं।

कोरोना काल के बकाया पर भी चक्रवृद्धि ब्याज

हाउसिंग बोर्ड की कालोनियों के निवासी जलकर और लैंडमेंटेनेंस का पैसा बोर्ड को जमा कर रहे थे। अधिकतर लोगों को जानकारी ही नहीं थी संपत्तिकर की। अब जमा करने जा रहे हैं तो ब्याज और जुर्माना के रूप में मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। जब करोड़ों का मुनाफा कमाने वाले उद्योगपतियों को भारमुक्त किया जा सकता है तो नागरिकों का कम से कम ब्याज तो माफ किया ही जा सकता है। वैसे भी कोरोना काल में टैक्स और ब्याज पर रियायत की बातें जिम्मेदारों ने की थीं, लेकिन वक्त बीतते ही सब वादे भूलकर बकाया दरों से चक्रवृद्धि ब्याज वसूला जा रहा है।

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